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बुरहानपुर में भगवान गणेश ने चखा 51 हजार लड्डुओं का स्वाद, धूमधाम से मनी संकष्टी चतुर्थी

बुरहानपुर: देशभर में मंगलवार को सकट चतुर्थी यानि संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है. इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र की कामना को लेकर व्रत रखती हैं. यह महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है, संकष्टी चतुर्थी पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है. मध्य प्रदेश में भी इस व्रत को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. वहीं प्रदेश के बुरहानपुर में बोहरडा गांव के पास मोहनासंगम स्थित प्रसिद्ध श्री सिद्धेश्वर गणपति मंदिर स्थापित है. मंदिर में संकष्टी चतुर्थी का पर्व बड़े ही श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया.

सिद्धेश्वर मंदिर में लगा 51 हजार लड्डुओं का भोग

सिद्धेश्वर गणपति मंदिर में आज सुबह से ही भक्तों का तांता लगा. मंदिर समिति के सदस्यों ने भगवान गणेश को 51 हजार मोतीचूर के लड्डुओं का भव्य भोग अर्पित किया. जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना. बताया जा रहा है कि यह मंदिर 450 साल पुराना है. ऐसा माना जाता है कि यहां भगवान गणेशजी की तपस्यारत प्रतिमा विराजमान है. भगवान के एक हाथ में लड्डू और दूसरे हाथ से तपस्या करते हैं. इस मंदिर में मत्था टेकने मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, प्रत्येक मंगलवार को मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है.

संकष्टी चतुर्थी पर मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़

संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी-लंबी कतार नजर आई. विशेष रूप से व्रती महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचीं. उन्होंने विधिविधान से गणपति महाराज की आराधना की. भगवान गणेश से सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना की. मंदिर समिति ने कई जोड़ों को हवन में बैठाया. इस साल मंदिर समिति ने मंदिर परिसर को विशेष रूप सजाया. पूरे परिसर का फूलों और रोशनी से डेकोरेशन किया गया. इससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. सुबह महाआरती हुई. इस दौरान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई. इसके बाद 51 हजार लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया गया.

450 साल पुराना है सिद्धेश्वर गणपति मंदिर

मंदिर में लगाए गए लड्डुओं के भोग को प्रसादी के रूप में वितरण किया गया. इस दौरान मंदिर गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से गूंज उठा और भक्तों ने भगवान गणेश से अपने जीवन के सभी कष्ट दूर करने की प्रार्थना की. मंदिर समिति अध्यक्ष प्रशांत पाटिल ने बताया “श्री सिद्धेश्वर गणेश मंदिर 450 साल पुराना है. यहां हर साल 51 हजार लड्डुओं का भोग चढ़ाते हैं. भगवान गणेशजी सभी के कष्ट दूर करते हैं. यहां दर्शन मात्र से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. 15 सालों से समिति बनाई है, समिति ने भव्य मंदिर की नींव रखी है. भव्य शिवलिंग और नंदी महाराज की प्रतिमा निर्माणाधीन है.