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हैरान करने वाली रिपोर्ट: जिस राज्य में ‘आनंद विभाग’ है, वहां हर दिन 42 लोग क्यों चुन रहे हैं मौत? जानें चौंकाने वाली वजह

भोपाल: मध्य प्रदेश के लोगों को आनंद से रहने के तरीके सिखाने के लिए प्रदेश सरकार में एक अलग से आनंद विभाग है, जो लोगों को तनाव से दूर रहने और आनंदित रहने के तरीके बताता है, लेकिन इसके बाद भी मध्य प्रदेश में हर दिन औसतन 42 लोग खुद अपनी जान गंवा रहे हैं. प्रदेश में पिछले 769 दिनों में 32 हजार 395 लोगों ने कर्ज, बेरोजगार, प्रेम-प्रसंग जैसे कई कारणों से निराशा में डूब मौत को गले लगा लिया. मध्य प्रदेश विधानसभा में एक सवाल के जवाब में यह तथ्य सरकार ने पेश किए हैं. आत्महत्या करने वालों में 1229 किसान और कृषक मजदूर भी हैं.

987 छात्र-छात्रा भी शामिल

चैंकाने वाले यह आंकड़े सरकार ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में पेश किया है. कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने विधानसभा में सरकार से सवाल पूछा था कि 13 दिसंबर 2023 से 20 जनवरी 2026 की अवधि में प्रदेश में आत्महत्याओं की कुल कितनी घटनाएं हुई हैं? उन्होंने इसकी जिलेवार जानकारी और उसके कारण पूछे थे. मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव द्वारा लिखित में जवाब दिया. जहां सामने आया है कि प्रदेश में 13 दिसंबर 2023 से 20 जनवरी 2026 यानी 769 दिनों में 32 हजार 385 आत्महत्याएं हुई हैं.

MP 1229 FARMERS KILLED HIMSELF

इस आंकड़े को यदि हर दिन के हिसाब से देखा जाए तो प्रदेश में हर दिन 42 लोग खुद निराश होकर जिंदगी की तमन्ना छोड़ मौत को गले लगा रहे हैं. आत्महत्या करने वालों में किसान और कृषक मजदूर भी हैं. प्रदेश में 562 किसान और 667 कृषक मजदूरों ने इस दौरान आत्महत्या की है. हालांकि सरकार द्वारा बताया गया कि फसल नुकसान होने के कारण सिर्फ 2 किसानों द्वारा आत्महत्या की गई. इसके अलावा 987 छात्र-छात्राओं द्वारा मौत को गले लगाया गया.

MP ASSEMBLY BUDGET SESSION 2026

भोपाल में 1284, इंदौर में 1791 लोगों ने की आत्महत्या

भोपाल शहर में 1074 और ग्रामीण में 210 लोगों ने मौत को गले लगा लिया. इसके अलावा ग्वालियर में 889, शिवपुरी में 682, श्योपुर में 82, दतिया में 286, इंदौर ग्रामीण में 477, इंदौर शहर में 1314, धार में 994, झाबुआ में 410, अलीराजपुर में 568, खरगौन 1039, गुना 516, अशोकनगर में 295, मुरैना में 570, भिंड में 510, खंडवा में 598, बड़वानी में 702, रतलाम में 632, मंदसौर में 430, नीमच में 297, जबलपुर में 1192, कटनी में 532.

MP 42 PEOPLE PER DAY KILLED HIMSELF

नरसिंहपुर में 640, छिंदवाड़ा में 843, बुरहानपुर में 308, उज्जैन में 695, देवास में 684, शाजापुर में 254, आगर मालवा में 125, पांढुर्णा में 144, सिवनी में 455, सागर में 1075, पन्ना में 544, दमोह में 558, छतरपुर में 681, मंडला में 554, डिंडौरी में 249, रीवा में 732, मऊगंज में 50, सतना में 838, मैहर में 296, सीधी में 805, सिंगरौली में 808, शहडोल में 650, अनुपपुर में 411, उमरिया में 349, नर्मदापुर में 605, हरदा में 211, रायसेन में 803 लोगों ने आत्महत्या की है. इसके अलावा अन्य और भी जिले शामिल हैं.

कांग्रेस बोली छुपाई जा रही मौत की वजह

आत्महत्या जैसे कदम उठाए जाने के पीछे आर्थिक तंगी, बीमारी, प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विवाद, डिप्रेशन, बेरोजगारी जैसे कई कारण बताए गए हैं. उधर कांग्रेस विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर कहते हैं कि “प्रदेश में आत्महत्या के यह आंकड़े चिंतित करने वाले हैं. जिंदगी हमेशा चुनौतियों और परेशानियों से लड़ने के लिए होती है. हालांकि इस तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए. आत्महत्या करने वालों में 1229 किसान और कृषक मजदूर भी हैं. यह दुखद है कि प्रदेश में अन्नदाता भी खुद ही मौत का रास्ता चुन रहा है.