जांजगीर चांपा: धार्मिक नगरी शिवरीनारायण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. अब यहां नदियों के त्रिवेणी संगम के पास बना टापू भी एक पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. आइये जानते हैं संगम के पास स्थित टापू कैसे बना मिनी गोवा.
तीन नदियों के संगम में पर्यटन स्थल
जांजगीर चांपा जिला में माता शबरी की नगरी और नारायण के प्रेम के प्रतीक शिवरीनारायण प्रमुख धार्मिक स्थल हैं. शासन ने इस धार्मिक स्थल को विकसित करने के लिए राम वन पथ गमन के तहत करोड़ों रुपये के विकास कार्य किए हैं. लेकिन पर्यटकों के मंदिर दर्शन के बाद कोई खास मनोरंजन नहीं हो पाता था. पर्यटक त्रिवेणी संगम देख कर लौट जाते थे. ऐसे में लोकल कारोबारी भी मायूस रहते थे. सिर्फ माघी मेला के दौरान ही अच्छा व्यापार हो पाता था. ऐसे में नाविकों ने यहां पर्यटन स्थल को विकसित करने का उपाय खोजा.
पर्यटकों के लिए रोमांचक ट्रिप
स्थानीय नाविक युवकों ने नदी के आस पास रोजगार के संसाधन तैयार करने की योजना बनाई और जीवन दायनी चित्रोत्पल्ला गंगा ने नाविक युवाओं को राह दिखाई. महानदी में बने बैराज के रिटर्निंग वॉटर से बने रास्ते को अमेजन के जंगल की तरह पर्यटकों के लिए रोमांचक ट्रिप बनाया.
शिवरीनारायण में मिनी गोवा
अब त्रिवेणी संगम के पास बने टापू में बांस के टेंट लगा कर छाया का इंतजाम किया गया है और पुराने सूखे पेड़ों को डेकोरेट कर आकर्षक बनाया गया है. यहां नहाने के लिए भी खास इंतजाम कर इसे मिनी गोवा का नाम दिया गया है.
त्रिवेणी संगम के टापू में पैरा और बांस से झोपड़ी बनाए हैं ताकि पर्यटक परिवार के साथ समय बीता सकें और वहां खाना भी खा सकें. धीरे धीरे डेवलप कर रहे हैं. हम सभी नाविकों की कोशिश है कि पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दे सकें-अजय केवट, अध्यक्ष नाविक संघ
मिनी गोवा को देखने दूर दूर से पहुंच से पर्यटक
मिनी गोवा के रूप मे विकसित किए गए इस टापू को देखने के लिए छत्तीसगढ़ के अलग अलग क्षेत्रों से पर्यटक पहुंचने लगे हैं. महानदी और जोक नदी के संगम स्थल पर बने टापू में लोग नहाने के साथ, अलग अलग सेल्फी पॉइंट में सेल्फी लेने का लुत्फ उठा रहे हैं.
असली गोवा नहीं जा पा रहे हैं तो कम से कम यहीं मिनी गोवा में हीं पहुंच कर आनंदित हो रहे हैं. बहुत अच्छी सुविधा है- केशरिया पटेल, महिला
मैं मिनी गोवा घूमने आई हूं. पहली बार आई हूं. यहां बहुत अच्छा लग रहा है. दोस्तों के साथ एंजॉय किया-जितिका साहू, पर्यटक
शिवरी नारायण में महानदी के घाटों से 45 नाव चल रही है. यह नदी के किनारे से टापू तक पहुंचाते हैं. प्रति व्यक्ति 100 रुपये लेते हैं. 150 परिवार का इस नाव के जरिए जीवन यापन हो रहा है. वहीं नारियल पानी, जूस और खाद्य सामाग्री बेचने वाले छोटे व्यापारियों का भी व्यापार चल रहा है.