Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NEET-UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ... Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए... Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण तेज, 31 मई तक खाली होंगी 6 मस्जिदें समेत 187 संपत्तियां धार भोजशाला में मां सरस्वती का मंदिर, मुस्लिम पक्ष के लिए अलग जमीन… जानें हाई कोर्ट के फैसले में क्य... Ahmedabad-Dholera Rail: अहमदाबाद से धोलेरा अब सिर्फ 45 मिनट में, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड... Namo Bharat FOB: निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और सराय काले खां नमो भारत स्टेशन के बीच फुटओवर ब्रिज शुरू Sant Kabir Nagar News: मदरसा बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डीएम और कमिश्नर का आदेश रद्द Patna News: बालगृह के बच्चों के लिए बिहार सरकार की बड़ी पहल, 14 ट्रेड में मिलेगी फ्री ट्रेनिंग और नौ... Mumbai Murder: मुंबई के आरे में सनसनीखेज हत्या, पत्नी के सामने प्रेमी का गला रेता; आरोपी गिरफ्तार Supreme Court News: फ्यूल संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम ...

अपमान से आहत अयोध्या के जीएसटी कमिशनर ने इस्तीफा दे दिया

शंकराचार्य बनाम योगी आदित्यनाथ विवाद बढ़ा

  • कालनेमी के उल्लेख से तनाव बढ़ा

  • यूजीसी के नये नियम की आलोचना

  • शंकराचार्य पर समाज को बांटने का आरोप

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच चल रहे विवाद ने उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया, जब अयोध्या के एक वरिष्ठ नौकरशाह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अधिकारी का कहना है कि वे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और संविधान के समर्थन में यह कदम उठा रहे हैं।

इस विवाद की शुरुआत इसी महीने तब हुई जब शंकराचार्य और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि उन्हें माघ मेले के दौरान प्रयागराज के संगम में पवित्र स्नान करने से रोका गया। प्रशासन का दावा था कि भीड़भाड़ वाले इलाके में भगदड़ से बचने के लिए उनके रथ के जुलूस को रोका गया था और उनसे अन्य भक्तों की तरह पैदल आगे बढ़ने का अनुरोध किया गया था।

शंकराचार्य ने इसे अपमान बताया और विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद जुबानी जंग तेज हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाम लिए बिना लोगों को कालनेमि से सावधान रहने की चेतावनी दी। बता दें कि कालनेमि रामायण का वह राक्षस था जिसने हनुमान जी को छलने के लिए साधु का वेश धरा था।पलटवार करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि योगी आदित्यनाथ अब एक राजनेता हैं और उन्हें धर्म के मामले संतों पर छोड़ देने चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, एक मुख्यमंत्री को शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर बात करनी चाहिए, न कि धर्म-अधर्म और कालनेमि पर।

शंकराचार्य ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के उन नए नियमों की भी आलोचना की, जो एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतों के लिए विशेष समितियां बनाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा, कोई भी जाति स्वाभाविक रूप से अन्यायी नहीं होती। व्यक्तियों के आधार पर पूरी जाति को निशाना बनाना हिंदू धर्म को नुकसान पहुंचाएगा।

मंगलवार को अयोध्या के जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि वे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। सिंह ने कहा, मैं अविमुक्तेश्वरानंद की अनर्गल टिप्पणियों से आहत हूं, जो समाज को बांटने वाली हैं। यह सरकार मेरी अन्नदाता है और मेरा कर्तव्य केवल रोबोट की तरह वेतन लेना नहीं है।

योगी आदित्यनाथ एक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए मुख्यमंत्री हैं और मैं उनका अपमान नहीं सह सकता। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद प्रशांत कुमार सिंह ने समाज सेवा करने का निर्णय लिया है।