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तिरुपति मंदिर के गोपुरम पर चढ़ा नशे में धुत व्यक्ति

नशे का झांसा देकर नीचे उतारा गया

  • पवित्र कलश पर भी लाठी चलायी

  • सिर्फ एक क्वार्टर की मांग करने लगा

  • नीचे आया तो पुलिस ने गिरफ्तार किया

राष्ट्रीय खबर

चेन्नईः धार्मिक नगरी तिरुपति में शुक्रवार की रात एक ऐसी विचित्र और तनावपूर्ण घटना घटी, जिसने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को भी हिलाकर रख दिया। नशे में धुत एक व्यक्ति तिरुपति के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित श्री गोविंदराज स्वामी मंदिर के मुख्य गोपुरम (शिखर) की ऊंचाइयों तक जा पहुँचा। इस घटना ने करीब तीन घंटे तक पूरे मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में भारी हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बनाए रखा।

आरोपी की पहचान तेलंगाना के निजामाबाद जिले के निवासी के. तिरुपति के रूप में हुई है। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह एक सामान्य श्रद्धालु की तरह ही मंदिर परिसर में प्रविष्ट हुआ था। रात के समय, जब मंदिर में काफी चहल-पहल थी, उसने अत्यधिक नशे की हालत में मंदिर के ऊंचे गोपुरम पर चढ़ना शुरू कर दिया। उसने ऊपर चढ़ने के लिए वहां लगे बिजली के खंभों और अन्य संरचनाओं का सहारा लिया। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के सतर्कता कर्मचारियों ने जब एक व्यक्ति को इतनी ऊंचाई पर देखा, तो तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया।

गोपुरम के शीर्ष पर पहुँचने के बाद, उक्त व्यक्ति ने हिंसक व्यवहार करना शुरू कर दिया। उसके हाथ में एक डंडा था, जिससे उसने मंदिर के पवित्र कलश को नुकसान पहुँचाने की धमकी दी। उसने अधिकारियों के सामने यह अजीबो-गरीब शर्त रखी कि यदि उसे तत्काल एक क्वार्टर शराब की बोतल उपलब्ध कराई जाएगी, तभी वह नीचे उतरेगा। इस दौरान वह कलश को हटाने और कूदने की धमकी देता रहा, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई।

बचाव दल ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए मनोवैज्ञानिक रणनीति अपनाई। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी सीढ़ियों के सहारे गोपुरम पर चढ़े और उसे शराब देने का झांसा दिया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद, उसे झांसा देकर सुरक्षित रूप से नीचे उतारा गया। नीचे आते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ उसके अत्यधिक नशे में होने की पुष्टि हुई।

तिरुपति पूर्व के डीएसपी एम. भक्तवत्सलम नायडू ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अवैध रूप से प्रवेश और सार्वजनिक स्थान पर उत्पात मचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, यह घटना मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि आखिर एक व्यक्ति इतनी सुरक्षा के बावजूद मंदिर के शिखर तक पहुँचने में कैसे सफल रहा। इस घटना के बाद, मंदिर प्रशासन अब देर रात के सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था को और कड़ा करने पर विचार कर रहा है।