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ओपन वाटर तैराकी प्रतियोगिता के लिए खारून नदी में स्वीमिंग की प्रैक्टिस, बच्चों ने कहा शुरू में लगा डर लेकिन अब हो रही अच्छी तैयारी

रायपुर: रायपुर के खारून नदी पर बने एनीकट पर इन दिनों बच्चे स्विमिंग सीख रहे हैं. लगभग 20 बच्चे पिछले दो हफ्ते से अपने कोच के साथ एनीकट पहुंच रहे हैं और नदी में तैराकी सीख रहे हैं.

खारून नदी में स्विमिंग

दरअसल ये बच्चे रायपुर नगर निगम की तरफ से संचालित इंटरनेशनल स्विमिंग पूल में तैराकी सीखते हैं. 14 फरवरी से छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स होने वाले हैं. जिसके लिए रायपुर में तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. इसके लिए इंटरनेशनल स्विमिंग पूल में रिनोवेशन का काम चल रहा है. इस वजह से बच्चों को नदी में जाकर स्विमिंग की प्रैक्टिस करनी पड़ रही है.

ओपन वाटर स्विमिंग प्रतियोगिता की तैयारी

नदी में स्विमिंग की प्रैक्टिस की एक दूसरी वजह ये भी है कि 9 और 10 जनवरी को मंगलूरु में ओपन वाटर स्विमिंग कंपटीशन हो रहा है. जिसमें पहली बार छत्तीसगढ़ के बच्चे शामिल हो रहे हैं. चूंकि प्रतियोगिता समुद्र में होनी है इस वजह से बच्चों को नदी में तैराकी की प्रैक्टिस कराई जा रही है ताकि बच्चों को कोई परेशानी ना आए.

बच्चों से जानिए नदी में तैराकी का अनुभव

खारून में तैराकी की प्रैक्टिस कर रहे बच्चों ने बताया कि शुरू में नदी में तैरने में उन्हें काफी डर लगा लेकिन अब अच्छी प्रैक्टिस हो रही है. सोना दास बताती है कि शुरू में नदी में स्वीमिंग करने में डर लगता था. रास्ता भटक जाते थे. कोच ने उन्हें साइड देखकर स्विमिंग करने को कहा जिससे उन्हें प्रैक्टिस में आसानी हुई. अब डर नहीं लगता है. सोना बताती है कि ओपन वाटर कॉम्पटीशन के लिए वे नदी में प्रैक्टिस कर रहे हैं. नदी में स्विमिंग को लेकर वह कहती है कि नदी में अंदर दिखता नहीं है जबकि स्वीमिंग पूल में नीचे टाइल्स लगे रहते हैं. साथ ही ये भी कहती है कि नदी का पानी हल्का है इसलिए इसमें स्विमिंग करने में अच्छा लग रहा है.

हमारा ओपन वाटर स्विमिंग कॉम्पटीशन होने वाला है. इसलिए नदी में प्रैक्टिस कर रहे हैं ताकि पहले से नदी में तैरने की प्रैक्टिस हो. पूल में काम चल रहा है इसलिए वह बंद है. दो हफ्ते से नदी में प्रैक्टिस कर रहे हैं. नदी में बहाव के अगेन्स्ट तैरना पड़ता है तो ज्यादा एनर्जी लगती है. शुरू में डर लगा अब ठीक लग रहा है. नदी में 500 मीटर तक जाते हैं उसके बाद वहां से वापस आ जाते हैं -वेदाराव शिंदे तैराक

मंगलूरु में ओपन वाटर स्विमिंग

स्विमिंग कोच प्रमोद फरिकार ने बताया कि मंगलूरु में 9 और 10 जनवरी को ओपन वाटर स्विमिंग कंपटीशन होना है, जो स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से कराया जा रहा है. समुद्र में ये प्रतियोगिता होने के कारण बच्चों को नदी में प्रैक्टिस कराई जा रही है. नदी में केवल फ्री स्टाइल प्रेक्टिस बच्चों को कराई जा रही है. बाकी दूसरे तरह के स्ट्रोक के लिए स्विमिंग पूल की जरूरत पड़ती है.

कोच ने बताया कि मंगलूरु में होने वाली तैराकी प्रतियोगिता में 11 साल के बच्चों को 1 किलोमीटर तैरना होगा. जो बच्चे 13 साल के हैं उन्हें 3 किलोमीटर तैरना होगा. जो बच्चे 15 साल के हैं उन्हें साढ़े सात किलोमीटर तैरना होगा.

छत्तीसगढ़ से पहली बार बच्चे इस कंपटीशन में हिस्सा ले रहे हैं. प्रदेश से 6 बच्चे तैराकी प्रतियोगिता में जा रहे हैं –प्रमोद फरिकार, स्विमिंग कोच

स्विमिंग पूल में रिनोवेशन का काम

प्रशिक्षक के मुताबिक स्विमिंग पूल में रिनोवेशन का काम 22 दिसंबर से शुरू हुआ है और 15 जनवरी तक चलेगा. वे बताते हैं कि नदी में स्विमिंग की प्रैक्टिस कराना काफी कठिन काम है. पानी के अंदर झाड़ पत्थर रहते हैं जिससे बच्चों को तैरने में परेशानी होती है. लेकिन बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हुए स्विमिंग की प्रैक्टिस करा रहे हैं.

खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारी

रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि फरवरी के महीने में खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स को लेकर इंटरनेशनल स्विमिंग पूल में इंटरनल रख रखाव का काम कराया जा रहा है. उम्मीद है कि तीन से चार दिनों में रिनोवेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा. बच्चे स्विमिंग पूल पर स्विमिंग कर सकेंगे.

नदी में स्वीमिंग पर अपर आयुक्त ने जताई चिंता

अपर आयुक्त ने कहा कि स्विमिंग पूल में बच्चे स्विमिंग करते हैं तो वहां पर जोखिम कम होता है. लेकिन अगर बच्चे नदी में इस तरह का प्रेक्टिस कर रहे हैं तो इससे खतरा ज्यादा होगा. इसके साथ ही वहां पर ऐसा कोई निगरानी तंत्र भी नहीं है जिससे बच्चों पर नजर रखी जा सके. उन्होंने कहा कि नदी में स्वीमिंग सीखने जाना उचित नहीं है.