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फिर से करीब आ रही है चाचा भतीजा की जोड़ी

महायुति के लिए परेशानी का सबब बनेगी दोनों पवार की जोड़

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एक आश्चर्यजनक घोषणा करते हुए कहा है कि उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरेंगी।

पुणे के पिंपरी-चिंचवड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने स्पष्ट किया कि पिंपरी-चिंचवड में घड़ी और तुतारी (सीटी) के निशान वाले उम्मीदवार एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने इसे परिवार की वापसी करार देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों के मन में लंबे समय से दोनों धड़ों के एक होने की इच्छा थी।

अजित पवार ने अपने भाषण के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में राजनीति में डराने-धमकाने और दबाव बनाने का दौर चल रहा है, जो लोकतंत्र के लिए स्वस्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके 25 साल के राजनीतिक करियर में उन्होंने कभी तोड़-फोड़ की राजनीति नहीं की।

पिंपरी-चिंचवड नगर निगम के बारे में बात करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि जो निगम कभी एशिया का सबसे समृद्ध नगर निकाय माना जाता था, वह आज भ्रष्टाचार के कारण कर्ज में डूबा हुआ है। उन्होंने इसके लिए पिछले कुछ वर्षों के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया।

गठबंधन की बारीकियों पर चर्चा करते हुए अजित पवार ने बताया कि सीटों का बंटवारा आपसी सहमति से कर लिया गया है और अगले दो दिनों में पुणे शहर के लिए भी अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने चुनाव में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई और मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी दबाव या प्रलोभन में आए बिना अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करें। इस घोषणा ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है, जिससे महायुति और महाविकास अघाड़ी के भीतर की हलचल भी तेज हो गई है।