कंबल विक्रेता बनकर जुटा रहे थे तमाम खुफिया जानकारी
गुवाहाटीः सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले सीमावर्ती राज्य अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस ताजा कार्रवाई के बाद अब तक सलाखों के पीछे पहुंचने वाले जासूसों की कुल संख्या पांच हो गई है, जिससे सुरक्षा महकमों में हड़कंप मच गया है।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये संदिग्ध आरोपी आम व्यापारियों का भेष धरकर राज्य में सक्रिय थे। वे गांव-गांव और शहर-शहर घूमकर कंबल बेचने का काम करते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। इस व्यापारिक गतिविधि की आड़ में वे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों, सैन्य आवाजाही और सरकारी प्रतिष्ठानों की गोपनीय सूचनाएं और तस्वीरें एकत्र कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, इन सूचनाओं को संभवतः सीमा पार पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं तक पहुँचाया जाना था।
इस पूरे मामले की जड़ें पिछले महीने 21 नवंबर से जुड़ी हैं, जब ईटानगर पुलिस ने सबसे पहले नजीर अहमद मलिक और साबिर अहमद मीर नामक दो व्यक्तियों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर दबोचा था। उनसे मिली कड़ी पूछताछ के बाद ही अन्य गुर्गों के नाम सामने आए। हालिया कार्रवाई में 18 दिसंबर को दो और संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है। आईजीपी ने बताया कि ये सभी आरोपी कुपवाड़ा के रहने वाले हैं और एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई हफ्तों से इन संदिग्धों की हर गतिविधि पर नजर रख रही थीं। ईटानगर और इसके आसपास के इलाकों में उनकी असामान्य आवाजाही ने पुलिस के रडार पर उन्हें ला खड़ा किया था। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन जासूसों ने अब तक कितनी महत्वपूर्ण जानकारियां लीक की हैं और राज्य में इनके मददगारों की जड़ें कहां तक फैली हैं। अरुणाचल जैसे संवेदनशील राज्य में इस तरह के नेटवर्क का मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।