Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नीतीश कुमार की फिसली जुबान? राबड़ी देवी को देख बोले- 'ई जो लड़की है...', बिहार विधान परिषद में हाई व... Tarn Taran Shootout Update: प्यार में रिजेक्शन या कुछ और? लॉ स्टूडेंट की फायरिंग का वीडियो आया सामने Kanpur Lamborghini Accident: वीडियो में दिखा आरोपी शिवम, फिर FIR से नाम क्यों गायब? कानपुर पुलिस पर ... Bhopal Hospital Fraud: भोपाल के सरकारी अस्पताल में मौत का डर दिखाकर ठगी, मरीजों के परिजनों से 'इलाज'... Darbhanga News: दरभंगा में बच्ची से दरिंदगी के बाद भारी बवाल, 230 लोगों पर FIR; SSP ने दिया 'स्पीडी ... Basti Daroga Death: बस्ती से लापता दारोगा का अयोध्या में मिला शव, सरयू नदी में लाश मिलने से मची सनसन... Weather Update: दिल्ली में गर्मी या फिर लौटेगी ठंड? यूपी-बिहार में कोहरा और पहाड़ों पर बर्फबारी का अ... सोनभद्र: मॉल में गर्लफ्रेंड के साथ घूम रहा था पति, अचानक आ धमकी पत्नी; फिर जो हुआ उड़ जाएंगे होश Sambhal Violence Case: संभल हिंसा में अनुज चौधरी को राहत या झटका? FIR रद्द करने की याचिका पर हाईकोर्... भविष्य की वायरलेस तकनीक में अधिक रफ्तार होगी

कुलदीप सेंगर की सजा सस्पेंड, पीड़िता संसद भवन के सामने धरने पर बैठने का ऐलान

उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सस्पेंड करने के साथ ही सशर्त जमानत दी है. इस पर माखी रेप कांड की पीड़िता ने कहा कि हाईकोर्ट के इस फैसले से हमें बहुत दुख पहुंचा है. इस फैसले के खिलाफ हम धरने पर बैठेंगे.

दिल्ली में मौजूद रेप पीड़िता ने फोन बात करते हुए कहा, कोर्ट के इस फैसले से हमें बहुत दुःख पहुंचा है. हम इस फैसले के खिलाफ इंडिया गेट या संसद भवन के सामने धरने पर बैठेंगे. इस केस से हमारी तरफ से जो पैरोकार थे, उनको मिली सुरक्षा पहले ही हटा ली गई थी और अब यह फैसला आ गया है. ये सब प्लानिंग के तहत किया गया है.

सेंगर के समर्थकों में खुशी की लहर

उधर, हाईकोर्ट का फैसला आते ही कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थकों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है. उनके समर्थकों ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है. कुलदीप सिंह सेंगर की परिजन सरोज सिंह ने कहा, कोर्ट के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं. कोर्ट ने हमारे बेटे को बरी कर दिया. हमारा बेटा निर्दोष है. भगवान ने हमारी सुन ली. कुलदीप को साजिश के तहत फंसाया गया था.

जमानत देते हुए कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन बेंच ने कहा, हम सजा सस्पेंड कर रहे हैं लेकिन शर्त के अनुसार 15 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड के साथ इतनी ही रकम के तीन श्योरिटी जमा करानी होंगी. पीड़िता के घर के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं आना है. पीड़िता या मां को धमकी न देने का निर्देश दिया है. साथ ही अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करने के लिए कहा है. हफ्ते में एक बार हर सोमवार सुबह 10 बजे लोकल पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है.