सक्ती के प्रवासी मजदूर की केरल में मॉब लिंचिंग पर सियासत गर्म, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने लिखा सरकार को पत्र
रायपुर: छत्तीसघढ़िया लोग अपनी मेहतन और मशक्कत के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं. बड़ी संख्या में छ्त्तीसगढ़ के लोग देश के अलग अलग हिस्सों में कमाने खाने के लिए जाते हैं. इसमें सबसे बड़ी संख्या मजदूरों की होती है. बीते दिनों छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई. केरल में छत्तीसगढ़िया प्रवासी मजदूर की निर्मम हत्या के मामले ने प्रदेश की राजनीति को भी झकझोर दिया है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस दुखद घटना को अमानवीय बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने की मांग की है.
केरल में सक्ती के प्रवासी मजदूर की मॉब लिंचिंग पर सियासत गर्म
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा, केरल के पलक्कड़ जिले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के निवासी और प्रवासी श्रमिक रामनारायण बघेल की हत्या हो गई. हत्या केवल संदेह के आधार पर मॉब लिंचिंग कर कर दी गई. यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि देशभर में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है. महंत ने कहा कि शासन को इस संबंध में अपनी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए. पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्याय मिले इसका बंदोबस्त करना चाहिए.

शरीर पर 80 से अधिक चोटों के मिले निशान
डॉ. चरणदास महंत ने बताया कि मृतक रामनारायण बघेल के शरीर पर 80 से अधिक गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जो इस जघन्य अपराध की भयावहता को स्पष्ट रूप से बताते हैं. महंत ने इस पूरे मामले में त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए शासन को खत भी लिखा है.
केरल सरकार से समन्वय कर हो उच्चस्तरीय हस्तक्षेप: महंत
नेता प्रतिपक्ष महंत ने छत्तीसगढ़ शासन से मांग की कि केरल सरकार से तत्काल समन्वय स्थापित कर उच्चस्तरीय हस्तक्षेप किया जाए, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके और कानूनी कार्रवाई में कोई ढिलाई न हो. महंत ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की भी मांग की.
पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक छत्तीसगढ़ लाने की मांग
डॉ. चरणदास महंत ने कहा, मृतक की पार्थिव देह को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक छत्तीसगढ़ लाया जाए. राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं इस संबंध में की जाएं, ताकि पीड़ित परिवार अंतिम संस्कार धार्मिक नियमानुसार हो सके.
पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीड़ित परिवार इस समय गहरे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है. ऐसे में पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता (एक्स-ग्रेशिया) दिया जाना चाहिए. महंत ने कहा कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने पर भी विचार किया जाना चाहिए.
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा का हो इंतजाम
नेता प्रतिपक्ष डा. चरण दास महंत ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा हेतु अंतर-राज्यीय समन्वय तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने की जरुरत पर बल दिया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस तरह के मामलों में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित हस्तक्षेप न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सहायक होगा, बल्कि यह भी संदेश देगा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान के उनके साथ खड़ा है.