Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पनीर के बैक्टीरिया पेट की सेहत के लिए वरदान दिल्ली पेलेट गन मामले में पहली FIR दर्ज: राहुल गांधी के 8 घंटे धरने के बाद BNS 118 व 125 में केस एक शब्द का गलत प्रयोग और मोदी की परेशानी पेलेट गन मामले में FIR की मांग पर संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठे राहुल गांधी, BJP का पलटवार मसूरी-कैंपटी रोड पर भूस्खलन का कहर: सांझा दरबार के पास मकान और दुकान पूरी तरह ध्वस्त दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन: 2,011 फैक्ट्रियों की जांच, 33 पर क्लोजर ऑर्डर और 44 पर लगा भारी जु... 'प्रति व्यक्ति आय में भारत बांग्लादेश से भी पिछड़ा': अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला 26/11 मुंबई हमला: हाफिज सईद और लखवी समेत 6 भगोड़ों पर चलेगा इन-एब्सेंटिया ट्रायल, MHA ने इंटरपोल से ... दिमागी नक्सल का वायरस कोलकाता भी आ पहुंचा सहारनपुर में व्यक्ति की चोटी काटकर की मारपीट: फसल पर चलाया ट्रैक्टर, SSP ऑफिस पहुंचे ब्राह्मण समाज क...

बड़ौली, रॉकी पर सुनवाई अब इस दिन, क्लोजर रिपोर्ट पर होगा फैसला… पुलिस को नहीं मिले सबूत

कसौली: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और गायक रॉकी मित्तल पर दर्ज कथित गैंगरेप केस में शुक्रवार कसौली कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में अगली सुनवाई 31 दिसंबर को होगी। इस दिन कोर्ट में पीड़िता की प्रोटेस्ट एप्लिकेशन पर लगाए गए आपत्तियों और पुलिस द्वारा दायर जवाब पर दोनों पक्षों के बीच बहस होगी। फिर कोर्ट यह तय करेगी कि केस को दोबारा री-ओपन किया जाए या पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए। इससे पहले, कसौली कोर्ट ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी।

हालांकि, पीड़िता ने सोलन जिला कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी। अब कसौली कोर्ट इस रिपोर्ट पर दोबारा सुनवाई कर रहा है। कसौली पुलिस की जांच में बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं मिले थे। इसी आधार पर पुलिस ने केस बंद करने की अर्जी दायर की थी, जिसे कोर्ट ने 12 मार्च 2025 को स्वीकार किया था। पुलिस की रिपोर्ट स्वीकार करने से पहले अदालत ने पीड़िता को दो बार अलग-अलग पते पर समन भेजे, ताकि उसका पक्ष सुना जा सके। लेकिन समन रिसीव न होने के कारण कोर्ट ने मामला बंद कर दिया था। बाद में पीड़िता ने इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी, जिसके बाद केस फिर खुला।

कसौली पुलिस ने दो माह से अधिक जांच की, मगर कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। पीड़िता ने मेडिकल जांच करवाने से इनकार किया था। साथ ही, एफआईआर में देरी होने के कारण पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज, शराब के गिलास और बेडशीट जैसे अहम सबूत भी नहीं जुटा पाई। होटल कर्मचारियों के बयान भी निर्णायक नहीं रहे। ऐसे में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिस पर अब अदालत दोबारा विचार कर रही है।

पीड़िता ने 13 दिसंबर 2024 को कसौली पुलिस थाने में मोहन लाल बड़ौली और रॉकी मित्तल पर गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। उसका आरोप है कि 23 जुलाई 2024 को कसौली के एचपीटीडीसी होटल रोज कॉमन में दोनों ने उसे जबरन शराब पिलाकर गैंगरेप किया। पीड़िता के मुताबिक, वह उस समय अपनी सहेली और बॉस अमित बिंदल के साथ कसौली घूमने आई थी। घटना के बाद उसे धमकियां दी गई और पंचकूला बुलाकर झूठे केस में फंसाने की कोशिश भी की गई।