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ड्रग कंट्रोल ऑफिसरों पर गिरी गाज, पद से हटाए… ‘डील’ और कैमरे में कैद हुआ रिश्वत लेता

फतेहाबाद: ड्रग्स नियंत्रण विभाग में लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार के आरोप आखिरकार कार्रवाई में तब्दील हो गए। रिश्वत मांगने, धमकाने व नियमों की आड़ में मेडिकल संचालकों को डराने के गंभीर मामले में सरकार ने दो ड्रग कंट्रोल ऑफिसरों को पदमुक्त कर दिया है। खास बात यह रही कि जिस अधिकारी पर रतिया में नशे के खिलाफ महापंचायत के दौरान दोपहर में खुले मंच से आरोप लगे, उसी के कुछ घंटों बाद पदमुक्ति के आदेश सामने आ गए।

मामला करीब दो साल पुराना है। टोहाना के नूर मेडिकल हाल के संचालक विक्की ने अपनी पत्नी के नाम से प्रॉपराइटर बनाकर मेडिकल स्टोर की जगह बदलने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि जांच के नाम पर तत्कालीन डीआई धीरज खटक जोकि मौजूदा समय में फतेहाबाद में कार्यरत हैं, और अजय बिश्नोई जोकि हिसार में कार्यरत हैं। उस समय के साथ पीएन पवन मौके पर पहुंचे। उन्होंने संचालक और उसकी पत्नी को केस दर्ज करवाने और जेल भेजने की धमकी दी तथा काम करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।