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रतलाम केमिकल फैक्ट्री में गैस का रिसाव, 5 मजदूर अस्पताल में भर्ती, आसपास के घरों को कराया खाली

रतलाम: जावरा औद्योगिक क्षेत्र की एक केमिकल फैक्ट्री में शनिवार शाम को गैस का रिसाव हो गया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने पर स्थानीय मजदूर और आसपास के लोग जान बचाकर भागते हुए नजर आए. घटना की सूचना मिलने ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. आसपास की फैक्ट्री और घरों को सुरक्षा की दृष्टि से खाली करा लिया गया है. गनीमत रही की बड़ी मात्रा में गैस का रिसाव नहीं हुआ, अन्यथा मजदूरों की जान भी जा सकती थी.

गैस सिलेंडर से क्लोरीन गैस का हुआ रिसाव

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, रतलाम नाका स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में केमिकल लेबोरेटरी नामक फैक्ट्री में गैस सिलेंडर से लीकेज हुआ है. फैक्ट्री में फेरिक सल्फेट बनाया जाता है. फैक्ट्री से क्लोरीन गैस के रिसाव होने की पुष्टि रतलाम एसपी अमित कुमार ने की है. जिसका इस्तेमाल फेरिक सल्फेट पाउडर बनाने में किया जाता है.

फायर ब्रिगेड की मदद से पानी की बौछार करके गैस के असर को कम किया गया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 10 मजदूरों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत हुई थी, जिसमें से 5 मजदूरों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

घटनास्थल पर पहुंचे आला अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह और एसपी अमित कुमार मौके पर पहुंच गए. इसके अलावा जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडे भी मौके पर पहुंच गए. उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी ली. जावरा थाना पुलिस फैक्ट्री प्रबंधन और मालिक के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है.

रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह ने बताया कि “गैस सिलेंडर से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ है. जानकारी मिलते ही प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी. ये रिसाव लापरवाही की वजह से हुआ है. पुलिस जांच कर रही है. एसडीआरएफ की टीम अभी भी मौके पर मौजूद है.”

2 साल पहले भी हुआ था गैस का रिसाव

जावरा औद्योगिक क्षेत्र की एक केमिकल फैक्ट्री में छह महीने पहले भी गैस का रिसाव हुआ था. इसका असर सशस्त्र पुलिस बल के रिहायशी क्षेत्र में देखने को मिला था. अब एक बार फिर केमिकल फैक्ट्री में गैस रिसाव की घटना सामने आई है. रिहायशी इलाके के पास औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल बनाने की फैक्ट्रियां संचालित की जा रही हैं. जिससे ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद बाद रिहायशी क्षेत्रों में इसके दुष्प्रभाव का खतरा बना रहता है.