Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अयोध्या, राम मंदिर चंदा विवाद या राजनीति का लंकाकांड एकल कोशिका से 170 अरब कोशिकाएं बनती हैं, देखें वीडियो अब ड्रोन से होगी शार्क की निरंतर निगरानी, देखें वीडियो Mann Ki Baat: 'हरगिला चिड़िया' बनी असम के गांवों की पहचान; PM मोदी ने की 'हरगिला सेना' की जमकर तारीफ स्वच्छ यमुना अभियान: सीएम रेखा गुप्ता का श्रमदान, कहा- "अब यमुना में नहीं गिरेगा बिना ट्रीटमेंट वाला... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स की नेशनल असेंबली में बोले पीएम मोदी; 'भारत और सेशेल्स को जोड़ता है... Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिक... Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक र... हरिद्वार: बीमार पत्नी की संदिग्ध मौत का खुलासा, दवा के नाम पर जहर देकर की पति ने हत्या Jabalpur Crime News: फेसबुक पर हिंदू नाम रखकर की दोस्ती, फिर धर्म परिवर्तन और तस्करी की कोशिश; मामला...

बड़ी खबर: पंजाब में नई पॉलिसी लागू! नोटिफिकेशन जारी

लोगों के बेहद ही राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, पंजाब में एक नई पॉलिसी लागू होने जा रही है, जिसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी हो गई है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार ने जानवरों के हमलों और हादसों के शिकार लोगों को मुआवजा देने के लिए नई पॉलिसी लागू की है।

नई पॉलिसी के तहत, अब बेसहारा जानवरों की वजह से किसी भी हादसे में मौत होने पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। पहले सिर्फ 1 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान था। इसके अलावा, हादसे में हमेशा के लिए अपंग होने पर 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद यह अहम बदलाव किया गया है। इस बारे में पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया की मंजूरी के बाद एक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

कुत्ते के काटने के मामलों के लिए खास मुआवजा

नई पॉलिसी के मुताबिक, कुत्ते के काटने के मामले में दांत के निशान के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। नोटिफिकेशन के मुताबिक, हर दांत के निशान के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। अगर घाव 0.2 cm तक है, तो मुआवजे की रकम बढ़ाकर 20,000 रुपए कर दी जाएगी।

जिला कमेटी करेगी तय

मुआवजे की रकम पर आखिरी फ़ैसला हर ज़िले में DC की अध्यक्षता में बनी एनिमल अटैक, एक्सीडेंट मुआवजा कमेटी करेगी। पीड़ित या परिवार के सदस्य को मुआवजे के लिए इसी कमेटी में अप्लाई करना होगा। संबंधित विभाग मुआवज़ा देगा। कमेटी लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार तीसरे पक्ष या व्यक्ति से भी मुआवजा वसूल सकती है। बाकी रकम नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत, जिला वन अधिकारी और लोक निर्माण विभाग देंगे।

वहीं एक साल के बाद मुआवज़े का कोई भी मामला स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर पीड़ित या परिवार के सदस्य के पास अप्लाई करने में देरी करने का कोई सही कारण है, तो संबंधित विभाग अप्लाई कर सकता है। लेकिन, किसी भी हालत में 3 साल से ज़्यादा देरी होने पर अप्लाई मंज़ूर नहीं किया जाएगा।