सऊदी बस हादसे के शिकार 44 भारतीयों को मदीना में अंतिम विदाई! परिवारों की सहमति के बाद हुआ अंतिम संस्कार, हर तरफ गम का माहौल
सऊदी अरब में हाल में भयानक हादसा हुआ था. इस हादसे में उमराह अदा करने भारतीय को मौत हो गई थी. इस हादसे में महिलाओं-बच्चों समेत 44 भारतीय मारे गए थे. अब 44 भारतीयों का अंतिम संस्कार शनिवार को सऊदी अरब में किया गया. मृतक तीर्थयात्रियों को पवित्र जन्नतुल बकी कब्रिस्तान में दफनाया गया.
तीर्थयात्रियों की जनाजे की नमाज में (अंतिम संस्कार की नमाज) एक उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ. जिसमें आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, सऊदी अरब में भारतीय राजदूत सुहेल खान और कॉन्सुल जनरल फहद सूरी शामिल हुए.
सऊदी में किया गया दफन
सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट में लिखा, मदीना बस दुर्घटना के पीड़ितों का अंतिम संस्कार 22 नवंबर को मदीना, सऊदी अरब में हुआ. आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस एस. अब्दुल नजीर ने मस्जिद-ए-नबवी में जनाजे की नमाज़ और जन्नतुल बकी में दफन में भाग लिया. राजदूत डॉ. सुहेल खान और कॉन्सुल जनरल फहद सूरी ने भी परिजनों और शुभचिंतकों के साथ शामिल होकर श्रद्धांजलि दी.
दूतावास ने इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं.
राज्यपाल ने की सऊदी अधिकारियों से मुलाकात
अपनी यात्रा के दौरान, राज्यपाल नजीर ने सऊदी अधिकारियों के साथ बैठक और संवाद भी किए. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मदीना के कार्यवाहक गवर्नर अब्दुलमोहसिन बिन नैफ बिन हुमैद से मुलाकात की और मदीना के गवर्नर प्रिंस सलमान बिन सुल्तान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद से फोन पर बातचीत की.
राज्यपाल के साथ विशेष मुख्य सचिव जी. अनंथा रामू, सचिव (CPV & OIA) अरुण कुमार चटर्जी, साथ ही भारतीय राजदूत और कॉन्सुल जनरल भी मौजूद थे.
भारतीय दूतावास ने एक्स पोस्ट में लिखा, सऊदी अधिकारियों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और सहयोग का आश्वासन दिया. भारतीय पक्ष ने सऊदी अरब के नेतृत्व और संबंधित सभी अधिकारियों की ओर से दी गई सहायता के लिए आभार जताया.
कैसे हुआ हादसा
सऊदी अरब में लाखों की तादाद में दुनिया के कई देशों के मुसलमान उमराह और हज अदा करने जाते हैं. हाल ही में भारत से उमराह अदा करने गए हैदराबाद के लोगों के साथ एक भयानक हादसा हुआ. 9 नवंबर को तीर्थयात्री जेद्दा के लिए रवाना हुए थे.
तीर्थयात्रियों का समूह मक्का और मदीना के पवित्र स्थलों की यात्राओं पर था, जब मदीना पहुंचने से लगभग 25 किमी पहले उनकी बस का एक तेल टैंकर से टकरा गया. इस टक्कर के कारण विस्फोट हुआ और बस कुछ ही मिनटों में आग लग गई.
54 तीर्थयात्रियों में से चार मदीना अलग कार से गए थे, जबकि 4 और व्यक्तिगत कारणों से मक्का में रुके. बाकी 46 यात्री उस बस में सवार थे जो इस भयंकर दुर्घटना का शिकार हुए. दुखद हादसे में 45 यात्रियों की मौत हो गई. वहीं, सिर्फ एक शख्स— मोहम्मद अब्दुल शोएब जिंदा बच पाया.