जांजगीर चांपा: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए एक दिन बचा है. 15 नवंबर से प्रदेश के सभी जिलों में धान खरीदी शुरू करने का ऐलान शासन प्रशासन ने कर दिया है. लेकिन सहकारी समिति के प्रबंधक, कम्प्यूटर ऑपरेटर के अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण अब तक धान खरीदी के लिए फड़ तैयार नहीं हो पाया है.
समिति कर्मचारियों की हड़ताल के बाद मुश्किल में प्रशासन: समिति कर्मचारियों की हड़ताल के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ता निकालते हुए पटवारी और कृषि विस्तार अधिकारियों को धान खरीदी का प्रभारी बनाया. इसके लिए सभी को ट्रेनिंग भी जा रही है. लेकिन पटवारी संघ ने राजस्व और मतदाता पुनरीक्षण कार्यों का हवाला देकर धान खरीदी करने से इनकार कर दिया.
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने धान खरीदी काम से किया मना: अब कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी धान खरीदी प्रशिक्षण कार्य का बहिष्कार कर दिया है. बम्हनीडीह में उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के बैनर तले धान खरीदी नोडल अधिकारी और संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा. अधिकारियों कर्मचारियों ने धान खरीदी करने से इंकार कर दिया है. उनका कहना है कि प्रांतीय आह्वान पर धान खरीदी के बहिष्कार के लिए कहा गया है.
ये वित्तीय मामला है, इसका हमें अनुभव भी नहीं है.अचानक से हमारे कर्मचारियों को ऐसी जगह भेजा जा रहा है. महिला साथी रात तक नहीं रुक सकते. धान खरीदी के दौरान वहां मौजूद रहना जरूरी है –रजनीकांत राठौर, अध्यक्ष, कृषि स्नातक शासकीय क़ृषि अधिकारी संघ
उद्यान विभाग के अपने ही बहुत से काम है, जिन्हें तय समय में करना पड़ता है. धान खरीदी में वित्तीय मामला ज्यादा है इसलिए हम चाहते हैं कि हमारी ड्यूटी धान खरीदी केंद्र में ना लगाई जाएं -तरुण कुमार, उद्यान विभाग कर्मचारी
कांग्रेस विधायक का आरोप: वही जांजगीर चांपा जिला के कांग्रेसी विधायक ब्यास कश्यप ने भी राज्य सरकार की धान खरीदी योजना पर सवाल उठाया. उन्होंने राज्य सरकार पर धान खरीदी के मामले में लापरवाही का आरोप लगाया. विधायक ने कहा कि 15 नवंबर से धान खरीदी केंद्र में कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है. समिति कर्मचारियों की हड़ताल के कारण किसानों को अब तक टोकन भी नहीं मिल पाया है. टोकन नहीं कटेगा तो धान खरीदी कैसे होगी. विधायक ने कहा कि हजारों किसानों का अब तक एग्रीटेक पोर्टल में पंजीयन ही नहीं हो पाया है.
भूपेश बघेल के समय में 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो जाती थी. आज की स्थिति में सबकुछ शून्य है- ब्यास कश्यप, कांग्रेस विधायक
वहीं संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर ने कहा कि दूसरे विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों को धान खरीदी के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. पटवारी, बीएलओ सुपरवाइजर को इस काम से मुक्त किया गया है. लेकिन जरूरत पड़ने पर उनसे भी कार्य लिया जाएगा. संयुक्त कलेक्टर ने कहा कि आरईओ संघ ने धान खऱीदी कार्य नहीं करने का निर्णय लिया है. इसके बारे में शासनस्तर पर बताया जाएगा. फिलहाल अधिकारियों कर्मचारियों को धान खरीदी कार्य का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.