Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भीषण सड़क हादसा: तीन गाड़ियों की आपस में जोरदार भिड़ंत, हादसे में कई लोग जख्मी, अस्पताल में भर्ती Rupnagar Weather: रूपनगर में गर्मी का प्रचंड प्रहार, पारा 40 डिग्री के करीब पहुंचा, लू का अलर्ट Moga News: मोगा में पति की हैवानियत, पत्नी के सिर पर हथौड़े से किया हमला, आरोपी फरार Punjab Crime: संदिग्ध परिस्थितियों में 2 बच्चों की मां की मौत, मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर लगाए गं... Punjab News: पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन का संघर्ष का ऐलान, संगरूर में होगा बड़ा रोष मा... Astrology Fraud: ज्योतिष के नाम पर परिवार से बड़ी ठगी, धोखाधड़ी का तरीका जान रह जाएंगे हैरान Punjab Crime: गन पॉइंट पर छीनी गई इनोवा गाड़ी पुलिस ने की बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार Punjab Weather Update: पंजाब में भीषण हीट वेव का अलर्ट, दिन के साथ अब रातें भी सताएंगी; जानें मौसम व... Punjab News: पंजाब पुलिस सांसदों को सुरक्षा देने में नाकाम, बीजेपी नेता तरुण चुघ का भगवंत मान सरकार ... Jalandhar News: जालंधर में बढ़ता अपराध, डर के साए में जीने को मजबूर लोग, रात में निकलना हुआ मुश्किल

दस दिनों के बाद पूर्व पीएम ओली नजर आये

नेपाल में उग्र प्रदर्शन के बाद सत्ता पलट से स्थिति सामान्य

  • जेन जी के प्रदर्शन से पद छोड़ा था

  • उनके घरों में आग लगा दी गयी थी

  • भक्तपुर के किराये के घर पर है

राष्ट्रीय खबर

काठमांडूः सितंबर 2025 में नेपाल ने एक अभूतपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल देखी, जब देश की जेन-जी  पीढ़ी ने भ्रष्टाचार, सेंसरशिप और बढ़ती आर्थिक असमानता के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। इस आंदोलन ने न केवल देश को हिलाकर रख दिया, बल्कि तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 9 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए भी मजबूर कर दिया। दस दिनों तक सार्वजनिक नजरों से दूर रहने के बाद, ओली पहली बार गुरुवार को सामने आए, जो नेपाल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को दर्शाता एक महत्वपूर्ण क्षण था।

इस्तीफे के बाद, पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा एक प्रमुख चिंता बन गई थी। बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों के बीच, प्रदर्शनकारियों ने ओली के कई निजी आवासों को निशाना बनाया। काठमांडू में उनके निजी घर, झापा में उनके पैतृक निवास और दमक में उनके घर में आग लगा दी गई। इन घटनाओं के कारण, ओली को तुरंत प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास से हटाकर शिवपुरी सैन्य बैरक में सुरक्षित रखा गया। यह कदम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था, क्योंकि देश में गुस्सा और हिंसा अपने चरम पर थी।

गुरुवार को, ओली को सेना के एक हेलीकॉप्टर से शिवपुरी से भक्तपुर ले जाया गया। भक्तपुर में उनके लिए एक नया, किराए का घर तैयार किया गया है। यह यात्रा उनके लिए एक तरह से सार्वजनिक जीवन में वापसी का प्रतीक थी। उनके नए निवास पर पहुँचने पर, कुछ समर्थकों ने उनका स्वागत किया, जो इस बात का संकेत था कि उनके राजनीतिक भविष्य के लिए समर्थन अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।

यह जेन-जी आंदोलन, जो सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों और व्यापक भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ शुरू हुआ था, तेजी से एक बड़े जन आंदोलन में बदल गया। युवाओं का यह गुस्सा सड़कों पर साफ दिखाई दिया, जिसने 20 से अधिक लोगों की जान ले ली और कई सरकारी इमारतों, जिनमें संसद भवन भी शामिल था, को आग के हवाले कर दिया। इन विरोध प्रदर्शनों ने न केवल ओली सरकार को गिरा दिया, बल्कि नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत भी की, जहां युवा वर्ग ने अपने अधिकारों और भविष्य के लिए पारंपरिक सत्ता संरचनाओं को सीधी चुनौती दी है।

ओली का यह अचानक से सार्वजनिक जीवन में लौटना भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रमों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यह घटना नेपाल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो दिखाता है कि कैसे युवाओं की आवाज और डिजिटल सक्रियता ने एक शक्तिशाली नेता को सत्ता से हटने पर मजबूर कर दिया। नेपाल का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करेगा कि देश इस अभूतपूर्व राजनीतिक बदलाव से कैसे उबरता है और अपनी नई दिशा तय करता है।