Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भविष्य की वायरलेस तकनीक में अधिक रफ्तार होगी मलेशिया से आतंकवाद और द्विपक्षीय संबंधों पर बयान वक्फ संशोधन विधेयक भी गरमी बढ़ेगी अपने अंतरिक्ष अभियान को धीमा करने को तैयार नहीं इसरो असम ने गौरव गोगोई के खिलाफ भेजी रिपोर्ट Telangana: ज्योतिबा फुले की प्रतिमा में तोड़फोड़ पर बवाल, महाराष्ट्र के मंत्री ने अमित शाह को लिखा प... Delhi Politics: AAP का बीजेपी पर बड़ा हमला, दिल्ली में भाजपा के 1 साल के कार्यकाल को बताया 'फ्रॉड डे... दिल्ली की सड़कों पर संग्राम! सौरभ भारद्वाज और AAP कार्यकर्ताओं की पुलिस से भिड़ंत, हिरासत में लिए गए... हिंदुओं की दरअसल चार श्रेणियां हैः भागवत रेखा गुप्ता का 'मिशन दिल्ली'! 1 साल में खर्च किए 250 करोड़, रिपोर्ट कार्ड पेश करते समय क्यों हुईं भा...

पाकिस्तान में बाढ़ की विभीषिका का भीषण परिणाम

शादी के त्योहार में 24 लोग मारे गये

कादिरनगरः पाकिस्तान में आई हालिया विनाशकारी बाढ़ ने हजारों लोगों का जीवन तबाह कर दिया है, लेकिन कादिर नगर गाँव की कहानी दिल दहला देने वाली है। जहाँ एक तरफ शादी का जश्न मनाने की तैयारियाँ जोरों पर थीं, वहीं दूसरी तरफ किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। महज दो दिन बाद होने वाली शादी के बजाय, मलेशिया में काम करने वाले नूर मुहम्मद को अपने 24 परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों का जनाज़ा उठाना पड़ा

यह दर्दनाक घटना 15 अगस्त को हुई, जब बुनेर ज़िले में आई भयंकर बाढ़ ने सब कुछ बहाकर ले गई। कादिर नगर गाँव में पहाड़ से आए पानी और कीचड़ ने 36 कमरों वाले उनके विशाल घर को मलबे के ढेर में बदल दिया। अपनी माँ से हुई आखिरी बात को याद कर नूर मुहम्मद की आँखें नम हो गईं। वह इतनी खुश थीं कि मैं बता नहीं सकता, वह कहते हैं, उनके शब्द गहरे दुख से भरे हुए थे। वह मेरी शादी की तैयारियों को लेकर बहुत उत्साहित थीं।

इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर उतरने के बाद, नूर मुहम्मद को यह खबर मिली कि उनके गाँव में बाढ़ आ गई है। जब वह वहाँ पहुँचे, तो उन्होंने सिर्फ तबाही का मंज़र देखा। हर तरफ मलबे और पत्थरों का अंबार लगा था। उनका घर, बाज़ार और पूरा गाँव पानी के तेज़ बहाव में पूरी तरह से तहस-नहस हो चुका था। उन्होंने बताया, सब कुछ खत्म हो गया। मेरा घर, मेरी माँ, बहन, भाई, मेरे चाचा, मेरे दादा और मेरे बच्चे, सब बह गए।

इस त्रासदी में मुहम्मद ने अपनी माँ, एक भाई और एक बहन को खो दिया। उनके पिता और एक और भाई बच गए, क्योंकि वे उन्हें हवाई अड्डे पर लेने गए थे। बाकी मृतकों में उनके चाचा का पूरा परिवार और वे रिश्तेदार शामिल थे जो उनकी शादी के जश्न में शामिल होने के लिए आए थे। इस दर्दनाक घटना में कादिर नगर गाँव में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जो पूरे क्षेत्र में मरने वालों की संख्या का एक बड़ा हिस्सा है।

नूर मुहम्मद की मंगेतर बच गईं, क्योंकि उनका घर बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित हिस्से से दूर था। जहाँ एक तरफ उनके जीवन में एक उम्मीद की किरण बाकी है, वहीं दूसरी तरफ 24 अपनों को खोने का दर्द उनके साथ हमेशा रहेगा। इस त्रासदी ने न केवल एक परिवार की खुशियों को छीन लिया, बल्कि यह पूरे पाकिस्तान में बाढ़ के कारण हो रही तबाही का एक दर्दनाक प्रतीक बन गया है। नूर मुहम्मद की कहानी उन अनगिनत लोगों में से एक है, जिनकी जिंदगी प्राकृतिक आपदाओं ने अचानक बदल दी है।