तेजस्वी ने संभाल ली थी कमान,यात्रा आगे बढ़ी
राष्ट्रीय खबर
पटना: बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान ‘वोटर अधिकार यात्रा‘ शुरू की है। इस यात्रा का उद्देश्य मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और गठबंधन के चुनावी वादों को घर-घर तक पहुंचाना है। इस यात्रा में प्रमुख नेता सीधे तौर पर लोगों के साथ संवाद कर रहे हैं और पर्चों के माध्यम से अपनी योजनाओं का विवरण दे रहे हैं।
यह यात्रा, जो कि जनसंपर्क का एक बड़ा माध्यम बन गई है, अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। हालांकि, यात्रा के शुरुआती चरण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने सबको चौंका दिया था। राहुल गांधी उपराष्ट्रपति चुनाव से संबंधित व्यस्तताओं के कारण गुरुवार सुबह की यात्रा में शामिल नहीं हो पाए।
उनके बजाय, राष्ट्रीय जनता दल के युवा नेता तेजस्वी यादव ने मोर्चा संभाला। उनके साथ अन्य विपक्षी नेता भी इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। राहुल गांधी के गुरुवार शाम तक यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है। यह यात्रा शेखपुरा से शुरू होकर मुंगेर पहुंचेगी, जहां गुरुवार रात को यात्रा का ठहराव होगा। बुधवार को यात्रा का ब्रेक रहा, जिससे कार्यकर्ताओं और नेताओं को अगले पड़ाव की तैयारी का मौका मिला।
इस यात्रा में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की भी भागीदारी होगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अखिलेश यादव 28 अगस्त को इस यात्रा से जुड़ेंगे। उनका मानना है कि अखिलेश की उपस्थिति वोट चोरी के खिलाफ जन आंदोलन को और मजबूती देगी। यह घटनाक्रम विपक्षी एकता को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत है, जो आगामी चुनावों में गठबंधन की ताकत को बढ़ा सकता है।
यात्रा के दौरान, गठबंधन के कार्यकर्ता लोगों के बीच पर्चे वितरित कर रहे हैं। इन पर्चों पर गठबंधन के प्रमुख नेताओं, जैसे राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और भाकपा महासचिव डी. राजा की तस्वीरें छपी हैं। इन पर्चों में कमाई, दवाई, पढ़ाई और सामाजिक न्याय पर केंद्रित चार प्रमुख वादों का उल्लेख है, बेहतर रोज़गार के अवसर प्रदान करना, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और सभी के लिए सुलभ चिकित्सा सुनिश्चित करना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना और समाज के हर वर्ग को समानता और न्याय सुनिश्चित करना।
गठबंधन का दावा है कि ये वादे ही उनके आगामी चुनावी घोषणा पत्र का आधार बनेंगे। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के माध्यम से ये नेता जनता को सीधे तौर पर समझा रहे हैं कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो वे इन क्षेत्रों में कैसे सुधार लाएंगे। यह अभियान न केवल मतदाताओं को जागरूक कर रहा है बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश भी दे रहा है कि गठबंधन जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।