राजनीतिक उथलपुथल के माहौल में अडाणी का नया फैसला
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः अडाणी समूह की कंपनी अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने घोषणा की है कि गौतम अडाणी ने कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। अब वे केवल गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ देंगे। इस बदलाव का मतलब है कि अब वे कंपनी के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे, बल्कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। इस खबर के सामने आने के बाद, अडाणी पोर्ट्स के शेयरों में 2 फीसद से अधिक की गिरावट देखी गई, जिससे शेयर का भाव 1355 रुपये से नीचे आ गया।
अडाणी पोर्ट्स ने हाल ही में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (2025-26) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ (net profit) सालाना आधार पर 6.5 फीसद बढ़कर 3310.60 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 3107.23 करोड़ था। इसके अलावा, परिचालन से होने वाला राजस्व भी 9126.14 करोड़ तक पहुँच गया।
इस बीच अडाणी समूह ने चीन की कंपनियों के साथ साझेदारी की खबरों को खारिज किया है। अडाणी समूह ने उन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि समूह चीन की कंपनियों बीवाईडी और बीजिंग वेलियन न्यू एनर्जी टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर भारत में बैटरी निर्माण के लिए कोई समझौता कर रहा है।
अडाणी एंटरप्राइजेज ने एक बयान जारी कर कहा कि यह रिपोर्ट आधारहीन, गलत और भ्रामक है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि न तो वे बीवाईडी के साथ बैटरी बनाने के लिए सहयोग कर रहे हैं और न ही बीजिंग वेलियन के साथ किसी भी तरह की साझेदारी पर बातचीत चल रही है। यह बयान ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के जवाब में आया था, जिसमें दावा किया गया था कि गौतम अडाणी खुद बीवाईडी के अधिकारियों से इस संबंध में बात कर रहे थे। इस तरह की खबरों का खंडन करके, अडाणी समूह ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।