ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि आने वाले एक साल में सेंसेक्स 89,000 के स्तर तक पहुंच सकता है. कंपनी का कहना है कि भारतीय बाजार अब छह तिमाहियों की धीमी कमाई (earnings slowdown) से बाहर निकलकर फिर से मजबूत ग्रोथ के दौर में प्रवेश कर रहा है. मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषक रिधम देसाई ने जून 2027 तक BSE सेंसेक्स के लिए 89,000 का लक्ष्य तय किया है. यह मौजूदा स्तर से करीब 15% ज्यादा है. ब्रोकरेज का मानना है कि इसके पूरे होने की 50% संभावना है.
🚀 छह तिमाहियों की सुस्ती के बाद कंपनियों की कमाई में आएगी तेजी
ब्रोकरेज का कहना है कि भारतीय कंपनियों की कमाई अब फिर से बढ़ने लगी है. पिछले छह तिमाहियों से कमाई की रफ्तार धीमी थी, लेकिन अब RBI की नीतियां, ब्याज दरों में कटौती, बैंकिंग सेक्टर में सुधार और बढ़ती लिक्विडिटी से हालात बेहतर हो रहे हैं. ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर, फर्टिलाइजर और डेटा सेंटर जैसे सेक्टरों में तेजी से निवेश बढ़ रहा है, जिसका फायदा कंपनियों की कमाई को मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मध्यम अवधि की आर्थिक ग्रोथ और स्थिर नीतियां बाजार को बड़ा सपोर्ट देंगी.
🌍 वैश्विक जीडीपी में भारत का योगदान और मजबूत आर्थिक आधार
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक तनाव और महंगे कमोडिटी दामों के बावजूद भारत आने वाले वर्षों में 12% तक की नॉमिनल ग्रोथ हासिल कर सकता है. भारत पहले ही 2025 में वैश्विक GDP ग्रोथ में करीब 18% योगदान दे चुका है और आने वाले समय में यह हिस्सेदारी और बढ़ सकती है. भारत की युवा आबादी, बढ़ती आय और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में संभावित विस्तार को देश की सबसे बड़ी ताकत माना गया है.
🎯 बुल केस: क्या 1 लाख के स्तर तक पहुंचेगा सेंसेक्स?
ब्रोकरेज ने एक ‘बुल केस’ (तेजी की स्थिति) भी दिया है, जिसमें सेंसेक्स जून 2027 तक 1 लाख के स्तर तक पहुंच सकता है. इसकी संभावना 25% बताई गई है. अगर कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहती हैं और भारत की आर्थिक नीतियां सफल रहती हैं, तो बाजार में और तेज तेजी आ सकती है. हालांकि, एक कमजोर स्थिति में सेंसेक्स 66,000 तक भी गिर सकता है, यदि तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली जाएं.
💼 निवेश के लिए पसंदीदा सेक्टर: IT बन सकता है ‘डार्क हॉर्स’
मॉर्गन स्टेनली ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर और इंडस्ट्रियल सेक्टरों को सबसे ज्यादा पसंद किया है. वहीं ऊर्जा, मटेरियल और हेल्थकेयर सेक्टर पर कम भरोसा जताया गया है. रिपोर्ट में IT सेक्टर को ‘डार्क हॉर्स’ बताया गया है. कंपनी का मानना है कि AI टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल से भारतीय IT कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है और यह सेक्टर आने वाले समय में निवेशकों को चौंका सकता है.