Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण के मुद्दे पर NDA का बड़ा ऐलान, विपक्ष के खिलाफ कल देशभर में होग... Sabarimala Case: आस्था या संविधान? सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की बेंच के सामने तीखी बहस, 'अंतरात्मा की... Rahul Gandhi Case: दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने द... Singrauli Bank Robbery: सिंगरौली में यूनियन बैंक से 20 लाख की डकैती, 15 मिनट में कैश और गोल्ड लेकर फ... Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, IMD ने अगले 24 घंटों के लिए जारी किया... Jhansi Viral Video: झांसी के ATM में घुस गया घोड़ा! गेट बंद होने पर मचाया जमकर बवाल; वीडियो हुआ वायर... Amit Shah in Lok Sabha: 'कांग्रेस ही OBC की सबसे बड़ी विरोधी', महिला आरक्षण पर अमित शाह ने विपक्ष को... Women Reservation Bill: महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल गिरा, विपक्ष ने कहा- 'बीजेपी... Haryana Revenue: अब राजस्व संबंधी शिकायतों का 48 घंटे में होगा समाधान, हरियाणा सरकार ने शुरू की नई स... Gurugram News: अवैध पेड़ कटाई पर NGT का बड़ा एक्शन, हरियाणा सरकार को 4 हफ्ते का अल्टीमेटम; रिपोर्ट न...

मोदी सरकार से अनबन की बात अब प्रमाणित हो गयी

आनन फानन में चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ

  • चुनाव आयोग ने कर दी घोषणा

  • दोनों सदनों के सदस्य देंगे वोट

  • जल्दबाजी से विवाद और स्पष्ट

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के कुछ ही दिनों बाद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह त्वरित कार्रवाई इस अटकल को बल देती है कि धनखड़ का इस्तीफा मोदी सरकार के साथ उनके कथित मतभेदों का परिणाम था, जिसके कारण इतनी तेज़ी से नए चुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।

बुधवार को जारी एक घोषणा में, चुनाव आयोग ने पुष्टि की कि उसने उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह पहल जगदीप धनखड़ के सोमवार शाम को अचानक और मध्यावधि इस्तीफे के 48 घंटे से भी कम समय के भीतर की गई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने मंगलवार को धनखड़ के इस्तीफे के बारे में औपचारिक रूप से सूचित कर दिया था।

चुनाव आयोग ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि, भारत के चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने का अधिकार है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 और उसके तहत बनाए गए नियमों, अर्थात् राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 द्वारा शासित होते हैं।

इन कानूनी प्रावधानों के अनुरूप, चुनाव आयोग ने 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव से संबंधित आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने आगे कहा कि जैसे ही ये तैयारियां पूरी हो जाएंगी, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा जल्द से जल्द की जाएगी।

चुनाव आयोग ने उन प्रारंभिक गतिविधियों का भी विवरण दिया है जो शुरू हो चुकी हैं। इन गतिविधियों में एक निर्वाचक मंडल की तैयारी शामिल है। यह निर्वाचक मंडल राज्यसभा और लोकसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों से मिलकर बनता है। राष्ट्रपति चुनाव के विपरीत, राज्य विधानसभाओं के सदस्य उपराष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं लेते हैं।

इसके अतिरिक्त, आयोग रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है, जो चुनावी प्रक्रिया के संचालन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इन प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ, आयोग सभी पूर्व उपराष्ट्रपति चुनावों की पृष्ठभूमि सामग्री तैयार करने और उसका प्रसार करने का भी काम कर रहा है, ताकि वर्तमान चुनाव को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके और इसमें ऐतिहासिक संदर्भ भी प्रदान किया जा सके।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम के तहत, चुनाव आयोग एक विशिष्ट वैधानिक समय-सीमा से बंधा होता है। एक बार चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना जारी होने के बाद, आयोग को 30 से 32 दिनों के भीतर पूरी चुनावी प्रक्रिया को संपन्न करना होता है।

उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा – के सदस्य शामिल होते हैं, जिसमें मनोनीत सदस्य भी सम्मिलित होते हैं। नई दिल्ली स्थित संसद भवन में मतदान आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार गुप्त मतदान द्वारा एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से होता है।

धनखड़ के अचानक इस्तीफे और उसके बाद चुनाव आयोग की त्वरित प्रतिक्रिया ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह कदम न केवल एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद को तुरंत भरने की आवश्यकता को दर्शाता है, बल्कि इसके पीछे के संभावित राजनीतिक कारणों पर भी बहस को जन्म देता है। आगामी दिनों में चुनाव आयोग द्वारा पूर्ण कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार रहेगा, जो देश के अगले उपराष्ट्रपति का निर्धारण करेगा।