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जी 7 में डोनाल्ड ट्रंप से नहीं होगी भेंट

पीएम मोदी की महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकातें

  • अमेरिकी राष्ट्रपति जल्द लौटेंगे

  • बाकी राष्ट्राध्यक्षों से चर्चा भी होगी

  • तनाव बढ़ने के बाद पहला दौरा होगा

कैलगरीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा के कैलगरी पहुंच चुके हैं, जहाँ वह अल्बर्टा प्रांत के कैननास्किस में आयोजित होने वाले 51वें जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। साइप्रस से सीधे कनाडा पहुँचे पीएम मोदी इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई वैश्विक नेताओं के साथ अहम मुलाकातें करने वाले हैं।

जी7 समिट के दौरान, पीएम मोदी की कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत तय है। इनमें कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर ज़ेलेंस्की, और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबॉम शामिल हैं।

इसके अलावा, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से भी पीएम मोदी की मुलाकात होगी। ये बैठकें भारत के वैश्विक संबंधों को मजबूत करने, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने, और आर्थिक व रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

हालांकि, इस बार जी 7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात नहीं होगी। ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना दौरा बीच में ही खत्म करने का फैसला किया है। वह स्थानीय समयानुसार सोमवार रात तक वॉशिंगटन डीसी लौट जाएंगे।

मध्य-पूर्व में बढ़ती अशांति के मद्देनजर ट्रंप का यह निर्णय उनकी विदेश नीति की तात्कालिकता को दर्शाता है, जहाँ उनका ध्यान क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर केंद्रित है।

जी7 समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे दुनिया के सात सबसे विकसित देश शामिल हैं। यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 44 फीसद प्रतिनिधित्व करता है, हालांकि इसकी जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का केवल 10 प्रतिशत ही है।

यह संगठन वैश्विक आर्थिक स्थिरता, सुरक्षा और विभिन्न भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा और समन्वय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है। यहाँ नेताओं को जलवायु परिवर्तन, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, और आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलता है।

पीएम मोदी का 2015 के बाद यह पहला कनाडा दौरा है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने का अवसर प्रदान करेगा। जी7 जैसे महत्वपूर्ण मंच पर भारत की उपस्थिति वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका और प्रभाव को दर्शाती है। यह शिखर सम्मेलन भारत को अपने हितों को आगे बढ़ाने, बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सक्रिय रूप से योगदान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। यह भारत की ‘विश्व मित्र’ की छवि को भी मजबूत करेगा, जो विभिन्न देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने पर जोर देती है।