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ईडी का वरीय अफसर घूस लेते गिरफ्तार

तमिलनाडू के बाद अब ओड़िसा में भी राज खुला

  • घूस की पहली किश्त लेते वक्त पकड़ाया

  • मामला निपटाने के लिए पैसे की मांग

  • सीबीआई ने शिकायत पर कार्रवाई की

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ओडिशा क्षेत्रीय कार्यालय के उप निदेशक स्तर के एक अधिकारी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भुवनेश्वर में 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) से संबंधित इस अधिकारी ने कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले से अपना नाम हटाने के लिए भुवनेश्वर स्थित एक खदान संचालक के साथ 50 लाख रुपये का सौदा किया था।

कथित रिश्वत की पहली किस्त 20 लाख रुपये लेते समय उसे रंगे हाथों पकड़ा गया। याद दिला दें कि इससे पहले ऐसा ही मामला तमिलनाडू में हुआ था, जिसमें पुलिस ने एक ईडी अधिकारी को घूस लेते वक्त दौड़ाकर गिरफ्तार किया था। उस वक्त केंद्र सरकार ने इस गिरफ्तारी पर नाराजगी जतायी थी और मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था।

माइनर का कारोबार करने वाले खदान संचालक ने रिश्वत की मांग के बारे में सीबीआई को सूचना दी थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने जाल बिछाया और ईडी अधिकारी को उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने मौके से रंग-कोडित नकदी भी जब्त की। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, श्री राउत ने एजेंसी से शिकायत की कि उन्हें इस साल मार्च में भुवनेश्वर में ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

श्री रघुवंशी ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाया और मामले में “राहत” पाने के लिए भगती नामक व्यक्ति से मिलने के लिए कहा, इसमें कहा गया है। श्री भगती तब से उनके संपर्क में थे, और फेसटाइम पर उन पर श्री रघुवंशी को मामला निपटाने के लिए पैसे देने का दबाव बना रहे थे, इसमें आरोप लगाया गया है।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 27 मई को श्री भगती ने कथित तौर पर श्री राउत से मुलाकात की और कहा कि श्री रघुवंशी ने उनके अस्पताल को कुर्क न करने, उन्हें गिरफ्तार न करने और उनके मामले को निपटाने” के लिए 5 करोड़ की मांग की थी। श्री राउत ने इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करने में अपनी असमर्थता जताई उन्होंने बताया कि सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर विभाग के 2013 बैच के आईआरएस अधिकारी रघुवंशी को कथित तौर पर अभियान के दौरान पकड़ा गया और बाद में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।