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चार बार यहां आयी थी ज्योति मल्होत्रा

भागलपुर एसएसपी हृदयकांत ने कहा मामले की जांच जारी है

  • यूट्यूब और पत्रकारिता पर उठ रहे हैं सवाल

  • यहां क्यों आयी थी, उसे परखा जा रहा है

  • एक धार्मिक स्थान का वीडियो भी है उसका

दीपक नौरंगी

भागलपुरः भागलपुर पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आने के बाद मशहूर यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं सूत्रों के मुताबिक ज्योति मल्होत्रा अब तक चार बार बिहार के भागलपुर जिले का दौरा कर चुकी हैं। इतना ही नहीं भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित प्रसिद्ध अजगैबीनाथ धाम का एक वीडियो भी उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला है। इस खुलासे के बाद भागलपुर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। स्थानीय पुलिस हर गतिविधि पर नज़र बनाए हुए है।

देखें इस पर वीडियो रिपोर्ट

भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ह्रदयकांत ने जानकारी दी है कि हर एक बिंदु पर गंभीरता से जांच की जा रही है। सुल्तानगंज में स्थित अजगैबीनाथ धाम की सुरक्षा भागलपुर पुलिस ने बढ़ा दी है और चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जल्दी ही हम मंदिर के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। पुलिस अपने स्तर से कई गहराई से जांच कर रही है। इसको लेकर पटना से विशेष शाखा और स्पेशल जांच एजेंसी भी अपने स्तर से जांच कर रही है।

यह पता लगाया जा रहा है कि ज्योति भागलपुर में किन लोगों से मिली थीं और उनके ठहरने और घूमने की लोकेशन क्या था। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां ज्योति मल्होत्रा के सभी सोशल मीडिया अकाउंट और उनके संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने कई महत्वपूर्ण और बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का मामला एक बड़े सवाल को जन्म देता है कि क्या आज के समय में यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कोई भी व्यक्ति पत्रकार बन सकता है?

आज लाखों लोग यूट्यूब पर कंटेंट बनाकर खुद को पत्रकार, ट्रैवल ब्लॉगर या सामाजिक टिप्पणीकार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। लेकिन इनमें से कितनों की पृष्ठभूमि, इरादे या विश्वसनीयता की जांच होती है? ज्योति जैसे मामले दिखाते हैं कि बिना किसी नियमन के, ऐसे मंच राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

पत्रकारिता एक जिम्मेदारी भरा पेशा है, जिसमें तथ्यों की सटीकता, निष्पक्षता और नैतिकता का पालन जरूरी है। लेकिन यूट्यूब पर कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कोई औपचारिक प्रशिक्षण, लाइसेंस या पूर्व इतिहास जांच की आवश्यकता नहीं होती। ज्योति मल्होत्रा ने अपने चैनल के जरिए न केवल यात्रा वीडियो बनाए, बल्कि ऐसी सामग्री साझा की जो संवेदनशील थी। क्या उनके इरादे शुरू से ही गलत थे, या वे बाद में किसी साजिश का हिस्सा बनीं? यह सवाल जांच का विषय है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यूट्यूब जैसे मंचों पर सामग्री साझा करने वालों की विश्वसनीयता की जांच जरूरी है।