Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ... खान-खनिज संशोधन बिल के खिलाफ रांची में राजद-वाम दलों का साझा मोर्चा: आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली घेराव...

चुनाव आयोग की विश्वसनीयता सबसे नीचे: खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष ने देश के चुनावी घटनाक्रमों पर टिप्पणी दी

नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को कहा कि भारत चुनाव आयोग (ईसीआई) जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता अब तक के सबसे निचले स्तर पर है।

श्री खड़गे ने इंडिया समूह के घटक दलों के नेताओं को लिखे पत्र में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी मतदान आंकड़ों में विसंगतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता अब तक के सबसे निचले स्तर पर है।

उन्होंने कहा यह पब्लिक डोमेन में है कि कैसे ईसीआई ने शायद इतिहास में पहली बार लोकसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के अंतिम मतदान प्रतिशत जारी करने में विलंब किया। उन्होंने नेताओं से आग्रह किया कि राष्ट्रीय हित में सभी को लोकसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के मतदान प्रतिशत डेटा जारी करने में विलंब पर ईसीआई से सामूहिक रूप से सवाल पूछना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पत्र में ईसीआई से पूछा, मतदान की समाप्ति की अवधि 19 अप्रैल 19.00 बजे से लेकर 30 अप्रैल को मतदाता मतदान डेटा के देरी से जारी होने तक अंतिम मतदान प्रतिशत में 5.5 की वृद्धि कैसे हुई। इसी प्रकार दूसरे चरण के लिए मतदान की समाप्ति अवधि 26 अप्रैल शाम 19.00 बजे से 30 अप्रैल को डेटा के देरी से जारी होने तक अंतिम मतदान प्रतिशत में 5.74 से अधिक की वृद्धि कैसे हुई।

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि इन तथ्यों के आधार पर क्या यह अंतिम परिणामों के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास हो सकता है। उन्होंने जोर दिया कि यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी पहले दो चरणों में मतदान के रूख से घबराए हुए और निराश थे। उन्होंने कहा , पूरा देश जानता है कि सत्ता के नशे में चूर एक निरंकुश शासन कुर्सी पर बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इंडिया समूह का मुख्य उद्देश्य एक जीवंत लोकतंत्र की संस्कृति और देश के संविधान की रक्षा करना है। आइए हम भारत के चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करें और इसे जवाबदेह बनाएं।