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बंगाल की खाड़ी में दोबारा कम दबाव बना

ठंड के आने के पहले फिर से बारिश का माहौल

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः बंगाल की खाड़ी में फिर बना कम दबाव। इससे पश्चिम बंगाल और आस पास के राज्यों में फिर से भारी बारिश की संभावना है। आईएमडी की ओर से चेन्नई में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी पहले ही जारी की जा चुकी है। चेन्नई, बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में बारिश बढ़ेगी। नवंबर के पहले सप्ताह में यह निम्न दबाव फिर से चक्रवात में तब्दील हो सकता है।

इसके परिणामस्वरूप 7 से 11 नवंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु में पहले ही भारी बारिश की चेतावनी जारी की जा चुकी है। तमिलनाडु ही नहीं, पदुचेरी, कराईक में भी भारी बारिश की खबर है। पश्चिम बंगाल में कुछ दिन पहले एक तरह की हलचल मची हुई थी। फिर यदि दोबारा चक्रवात बनता है तो राज्य में फिर से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

त्योहारों के मौसम में भले ही आसमान साफ ​​हो, लेकिन मौसम विज्ञानियों का मानना ​​है कि अगर यह नया चक्रवात सर्दियों से पहले फिर से अपना सिर उठाता है, तो यह समस्याएं पैदा कर सकता है। ग्लोबल वार्मिंग के दौरान पहले से ही दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मौसम संबंधी विसंगतियाँ चल रही हैं। बारिश अब पूरे साल की साथी है। बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन एक बड़े तूफान का रूप लेने की ओर अग्रसर है। मौसम वैज्ञानिकों के लिए ये बात काफी चिंताजनक है।

अभी पिछले दिनों डाना ने ओडिशा में दस्तक दे दी है। लेकिन इसके असर से पश्चिम बंगाल में करीब तीन दिनों तक भारी बारिश हुई है। जब भी कोई तूफ़ान आता है तो वो बांग्लादेश या ओडिशा की ओर बढ़ जाता है। हालाँकि, इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में अगर फिर से भंवर बना तो पश्चिम बंगाल के लोगों को फिर से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।