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जेल के कमरे से कई उपकरण बरामद हुए

सिख आतंकवादियों की जेल पर हमला और अमृत पाल को भगाने की साजिश


  • डिब्रूगढ़ जेल में बंद है अमृतपाल सिंह
  • स्पाई कैम और स्मार्टफोन भी सेल में मिला
  • केंद्र से पांच अधिकारी पहुंचे और जांच की

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी :: खालिस्तानी अलगाववादी संगठन वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृत पाल सिंह ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में जेल में बंद अपने कमरे में वस्तुओं के पाए जाने पर देशव्यापी हंगामा हो गया है। गृह मंत्रालय के निर्देश अनुसार डिब्रूगढ़ और ऊपर असम में सुरक्षा बढ़ा दिया गया है । डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार में ज्यादा से ज्यादा सुरक्षाकर्मी नियुक्त किया गया है।

जांच एजेंसियों ने इस मामले में नए सिरे से जांच शुरू की है, जिससे केंद्रीय गृह मंत्रालय चिंतित है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भेजे जा चुके पांच अधिकारी आज डिब्रूगढ़ जेल पहुंचे और जांच शुरू है।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, अमृत पाल सिंह ने डिब्रूगढ़ जेल के अंदर से छिपे हुए कैमरों और मोबाइल सेवाओं के माध्यम से देश भर में संगठनात्मक ताकत बढ़ा दी है। इसके अलावा असम पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अमृत पाल सिंह की गहरी साजिश डिब्रूगढ़ जेल पर हमला करने और भागने की उसकी व्यापक योजना को विफल करने में सक्षम रही है।पंजाब का कुख्यात खालिस्तान समर्थक नेता और वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह असम के डिब्रूगढ़ की जेल में बंद है। इस जेल में गंभीर सुरक्षा चूक का खुलासा हुआ है। अमृतपाल सिंह के अलाना उसके 9 सहयोगी भी डिब्रूगढ़ की सेंट्रल जेल में बंद हैं।

यहां शनिवार (17 फरवरी) को एक जासूसी कैमरा, एक स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ हेडफोन और स्पीकर, एक स्मार्टवॉच और कई अन्य चीजें बरामद की गईं हैं । अब पुलिस जांच में जुट गई है कि ये सारी चीजें जेल के अंदर से कहां से आईं और इनका इस्तेमाल किसने किया। सीसीटीवी कैमरे भी देखे जा रहे हैं।माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर इस बारे में जानकारी देते हुए असम के पुलिस अधिकारी जीपी सिंह ने कहा, एनएसए सेल में होने वाली अनाधिकृत गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने पर, एनएसए ब्लॉक के सार्वजनिक क्षेत्र में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। प्राप्त इनपुट की पुष्टि की गई।

अनधिकृत गतिविधियों के आधार पर जेल कर्मचारियों ने आज सुबह एनएसए सेल के परिसर की तलाशी ली, जिससे सिम के साथ एक स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन, कीबोर्ड के साथ टीवी रिमोट, स्पाई-कैम पेन, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ हेडफोन और स्पीकर बरामद हुए और स्मार्ट घड़ी, जिसे जेल कर्मचारियों की ओर से जब्त कर लिया गया था । इन अनधिकृत वस्तुओं के स्रोत और लाने के तरीके का पता लगाया जा रहा है । आगे की कार्रवाई की जा रही है ।

23 अप्रैल, 2023 को पंजाब पुलिस की ओर से कई हफ्तों की तलाश के बाद राज्य के मोगा जिले से गिरफ्तार किए जाने के बाद अमृतपाल सिंह को डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल लाया गया था। कट्टरपंथी खालिस्तानी नेता पर कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत मामला दर्ज हुआ है। उसके नौ सहयोगियों पर भी एनएसए के तहत केस दर्ज हैं। इस जेल का निर्माण 1859-60 में अंग्रेजों द्वारा किया गया था। इसे पूर्वोत्तर की सबसे पुरानी और उच्च सुरक्षा वाली जेलों में से एक माना जाता रहा है।