Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
लालजीत भुल्लर पर सीएम मान का 'हथौड़ा'! इस्तीफा मंजूर और अब FIR के आदेश; अफसर की पत्नी के खुलासे ने ह... Wife Murder Case: पति ने की पत्नी की हत्या, फिर सास को दी चुनौती; "तुम्हारी बेटी को मार डाला, फोटो भ... क्रिकेट के मैदान पर 'काल' का साया! बैटिंग कर रहे 30 साल के खिलाड़ी को आया हार्ट अटैक; पिच पर ही तड़प... दिल्ली-हरियाणा के बीच 'सुपरफास्ट' सफर! 16KM लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू; रोहिणी से शालीमार बाग... Odisha Bus Fire: ओडिशा के विधायक मंगू खिला की बस में लगी आग, 36 लोगों के साथ सुरक्षित निकले बाहर; मच... हिमाचल में 'कंगाली' की नौबत! सीएम सुक्खू समेत मंत्रियों और विधायकों की सैलरी पर चली कैंची; खुद मुख्य... नासिक की 'कैप्टन फाइल्स' बेनकाब! 500 करोड़ का साम्राज्य, 58 अश्लील वीडियो और IAS अफसरों से कनेक्शन; ... ग्लोबल इकोनॉमी पर 'वॉर' का प्रहार! हॉर्मुज संकट से $120 के पार पहुँचा कच्चा तेल; ट्रेड ठप, अब महंगाई... आधी सदी बाद फिर चांद की दहलीज पर इंसान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात

छह बड़े शार्क वहां की पानी में मंडराते थे

  • कई बार इलाके में पानी भर गया था

  • पास की नदी से इनके आने का अनुमान

  • 2013 की बाढ़ के बाद से वे नहीं नजर आये

क्वींसलैंडः गोल्फ़ खिलाड़ियों के लिए, पानी से बाहर रहना जीत और हार के बीच का अंतर हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया में एक कोर्स में, यह जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर था। ऐसा इसलिए था क्योंकि यहां के एक ऐसे ही गोल्फ कोर्स के बीच मौजूद पानी में छह बड़े बुल शॉर्क आ गये थे। पहले तो इनके होने की पुष्टि नहीं हुई थी लेकिन अनेक लोगों ने पानी के अंदर किसी बड़े प्राणी के होने की आवाज सुनी थी। बाद में एक उत्साही व्यक्ति ने उनके लिए चारा डालकर जब प्रयोग किया तो एक शार्क उनके मोबाइल कैमरे में कैद हो गयी।

देखें शार्कों का वह वीडियो

उसके बाद से सत्रह सालों तक यहां के पानी के बाहर लोगों के उतरने की मनाही रही। यह शार्क समुद्र अथवा किसी नदी से यहां तक कैसे आये, इसकी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन बाद में उन्हें भी गोल्फ कोर्स का सदस्य माना गया था। इसलिए इस गोल्फ कोर्स के साइनबोर्ड में भी शार्क को स्थान दिया गया था।

प्रशांत महासागर से लगभग 14 किलोमीटर (8.7 मील) दूर एक ज़मीन से घिरे गोल्फ़ कोर्स पर एक झील किसी भी मछली के लिए बहुत दूर तक तैरने जैसी लग सकती है, लेकिन बुल शार्क हर किस्म के पानी में खुद का जल्द अनुकूलन कर लेते हैं।

इसलिए लोगान नदी में इनकी मौजूदगी की वजह से यह माना गया था कि कभी नदी का पानी ऊपर आने के दौरान ही वे तैरते हुए यहां आ गये थे। 1990 के दशक में स्थानीय लोगों के लिए कोई वास्तविक आश्चर्य नहीं था।

यह क्लब 1978 में अपनी स्थापना के बाद से बाढ़ के लिए एक हॉटस्पॉट रहा है, 1991, 1995 और 1996 सहित कई अवसरों पर पानी से भर गया। बारिश इतनी तेज़ थी कि बाद के तीन मौकों पर, कोर्स के 14वें छेद के बगल में रेत-खदान से बनी झील से नदी को अलग करने वाला लगभग 100 मीटर का भूमि पुल पूरी तरह से जलमग्न हो गया था।

इस बीच किसी रास्ते से छह बुल शार्क यहां आ गयी थी। जैसे ही नहर सूख गया तो शॉर्कों की वापसी का दरवाजा बंद हो गया। यह 17 वर्षों तक बंद रहेगा, जब 2013 में अगली गंभीर बाढ़ की घटना ने नदी के लिए एक रास्ता बना दिया। 2013 की बाढ़ के बाद दिखने की आवृत्ति कम हो गई, जिससे यह आशंका पैदा हो गई कि कुछ शार्क नदी में लौट आई हैं या तूफान के परिणामस्वरूप मर गईं। केवल दो शार्क के मरने की पुष्टि की गई; एक सतह पर तैरता हुआ पाया गया, दूसरा अवैध रूप से मछली पकड़ने के कारण मारा गया।