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जनता का 32 हजार करोड़ लूट की जांच हो

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः राहुल गांधी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कोयला आयात के गोरखधंधे की जांच की मांग कर नरेंद्र मोदी को इस चुनावी मौसम में फिर से परेशान कर दिया है। प्रसिद्ध व्यापारिक अखबार फाइनेंसियल टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए श्री गांधी ने अब तो जांच कराने की चुनौती दी है। सरकारी नियमों के मुताबिक, बिजली उत्पादन की लागत, खासकर कोयले की लागत पर लेवी तय की जाती है। कथित तौर पर, अडाणी समूह ने अपनी बिजली उत्पादन के लिए कोयले की कीमत कागज पर बढ़ा-चढ़ाकर बताई थी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी उद्योगपति गौतम अडाणी पर निशाना साधा। वित्तीय शोध संगठन की जांच रिपोर्ट के आधार पर शेयर कीमत में हेराफेरी के आरोपों के बाद इस बार मीडिया में कोयला आयात की लागत बढ़ा-चढ़ाकर बताने का आरोप लगा है। एआईसीसी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी कोयला घोटाले के साथ-साथ हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अडाणी के खिलाफ 12,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोपों पर चुप हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की, अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो अडाणी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के सभी आरोपों की जांच की जाएगी।

संयोग से, लंदन के फाइनेंशियल टाइम्स ने गुरुवार को एक जांच रिपोर्ट में बताया कि अडाणी समूह ने बिजली उत्पादन के लिए विदेशों से 5 अरब डॉलर का कोयला आयात किया, जो कागज पर बाजार मूल्य से दोगुना दिखाता है। उस गलत कीमत के आधार पर बिजली दर तय की जाती है। इसे लोगों और फैक्ट्री मालिकों को पूरा करना होगा।

नतीजा ये हुआ कि अडाणी ग्रुप को लागत की तुलना में 52 फीसदी का मुनाफा हुआ। कथित तौर पर, अडाणी समूह ने 2019 से 2021 के बीच 30 जहाजों में 31 लाख टन कोयले का आयात किया। इंडोनेशिया से जहाज के प्रस्थान के समय कोयले का घोषित मूल्य 1,037 करोड़ रुपया है। भारत में उस कोयले की कीमत सीमा शुल्क विभाग को 1,540 करोड़ रुपये बताई गई है।

राज्य के स्वामित्व वाली एनटीपीसी ने भी अडाणी से कोयला खरीदा। नतीजा यह हुआ कि करदाताओं के पैसे से ऊंची कीमत पर कोयला खरीदा गया। कुल मिलाकर कांग्रेस का आरोप है कि अडाणी समूह ने अवैध तरीके से 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त मुनाफा कमाया। राहुल ने बुधवार को कहा कि अडाणी के अवैध मुनाफे के कारण बिजली की कीमतें बढ़ी हैं। इसकी भरपाई देश की जनता ने अधिक बिजली बिल का भुगतान कर किया है।