Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच संपन्न हुआ मत... दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: खराब मौसम से प्रभावित गेहूं की भी होगी सरकारी खरीद, सिकुड़े और टूटे दानो... Guna Crime: गुना में पिता के दोस्त की शर्मनाक करतूत, मासूमों से अश्लील हरकत कर बनाया वीडियो; पुलिस न... Allahabad High Court: मदरसों की जांच पर NHRC की कार्यशैली से 'स्तब्ध' हुआ हाई कोर्ट; मॉब लिंचिंग का ... PM Modi in Hardoi: 'गंगा एक्सप्रेसवे यूपी की नई लाइफलाइन', हरदोई में बरसे पीएम मोदी— बोले, सपा-कांग्... Jabalpur Crime: 'शादी डॉट कॉम' पर जिसे समझा जीवनसाथी, वो निकला शातिर ब्लैकमेलर; फर्जी DSP बनकर 5 साल... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में बकरी चोरी के आरोप में युवक को खंभे से बांधकर पीटा, रिटायर्ड कृषि अ... Vande Bharat Extension: जम्मू से श्रीनगर का सफर अब और आसान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 30 अप्रैल को द... West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच 'दीदी' या 'दा... Unnao Road Accident: उन्नाव में भीषण सड़क हादसा, मुंडन संस्कार से लौट रही बोलेरो और डंपर की टक्कर मे...

लिपिक संघ ने नये हाईकोर्ट भवन में कम स्थान की शिकायत की

राष्ट्रीय खबर

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता लिपिक संघ ने नये उच्च न्यायालय परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं कराये जाने के विरोध में शनिवार को काम नहीं किया। परिसर में जगह के आवंटन को लेकर लिपिक संघ और अधिवक्ता संघ के बीच ठन गई है। क्लर्कों को पहले एडवोकेट्स ब्लॉक-I बिल्डिंग की पहली मंजिल पर एक हॉल आवंटित किया गया था।

इसके बाद, उन्हें दूसरी मंजिल पर जगह की पेशकश की गई, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। लेकिन बाद में, वे पहली मंजिल पर कमरा पुनः प्राप्त करना चाहते थे। इससे लिपिकों और अधिवक्ताओं के बीच मारपीट हो गई। क्लर्क एसोसिएशन के अध्यक्ष जय शंकर ने कहा कि नए परिसर में मनोरंजन कक्ष के साथ व्यक्तिगत कक्षों के अलावा अधिवक्ताओं के पास अपने लिए पर्याप्त जगह है।

उन्होंने कहा कि क्लर्कों को भी काम करने और आराम करने के लिए आवश्यक जगह मिलनी चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए अधिवक्ता संघ के सचिव नवीन कुमार ने कहा कि लिपिकों को आवंटित हॉल में पर्याप्त जगह की पेशकश की गयी है।

यह आवंटन उच्च न्यायालय द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि क्लर्कों की हड़ताल अनावश्यक है और उन्हें तुरंत काम पर लौटना चाहिए। जब तक लिपिकों की प्रथम तल पर हॉल की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जायेगी। जय शंकर ने कहा कि क्लर्क एसोसिएशन के सदस्य अपनी भविष्य की कार्ययोजना तय करने के लिए 26 जून को एक बैठक करेंगे।

इस बीच हड़ताल ने अधिवक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। कई अधिवक्ताओं ने कहा, फाइलें और किताबें ले जाने में मदद के लिए कोई क्लर्क नहीं होने के कारण, वकीलों को विशाल उच्च न्यायालय परिसर में अपना बैग खुद ही ले जाना पड़ता है। हड़ताल अधिवक्ताओं के लिए कठिन साबित होगी। सभी लोग फाइलों और किताबों के भारी बैग ले जाने के लिए पर्याप्त रूप से फिट नहीं होते हैं। नया परिसर भी बहुत बड़ा है और अदालतों तक पैदल चलना थका देने वाला है।