सरकार अब तक स्थिति नियंत्रित नहीं कर पायी
एजेंसियां
लासाः नाइजीरिया के अशांत पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक बार फिर शिक्षा के मंदिर को आतंकवादियों ने अपना निशाना बनाया है। बोरनो राज्य के लासा कस्बे में स्थित एक सेकेंडरी स्कूल पर इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस के आतंकवादियों ने सोमवार को भीषण धावा बोल दिया। इस हमले के दौरान जब छात्र अपनी परीक्षाओं में व्यस्त थे, तब बंदूकधारियों ने स्कूल को घेर लिया और वहां अफरातफरी मच गई। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस हमले के बाद से कम से कम 37 छात्र लापता बताए जा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम और भय का माहौल व्याप्त है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक सैनिक और एक शिक्षक शामिल हैं। शुरुआती भ्रम के बाद, अब स्थिति धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। स्थानीय सरकार के पार्षद इजाग्ला इजबिला ने पत्रकारों के साथ उन छात्रों की सूची साझा की है जो फिलहाल बंधक हैं। इस सूची में छात्रों के लिंग और उनके अभिभावकों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। बोरनो राज्य के शिक्षा आयुक्त, लावन अब्बा वकीलबे ने लासा में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि लापता लोगों में 25 छात्राएं, 11 छात्र और एक स्टाफ सदस्य शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि आठ अन्य लोगों को, जिनमें स्कूल के वाइस प्रिंसिपल भी शामिल हैं, सुरक्षित छुड़ा लिया गया है।
नाइजीरिया में फिरौती के लिए अपहरण, विशेष रूप से छात्रों को निशाना बनाना, एक खतरनाक और आम चलन बन गया है। चाहे वह वैचारिक रूप से प्रेरित आतंकवादी समूह हों या गैर-वैचारिक डाकू गिरोह, सभी उत्तर और मध्य नाइजीरिया में लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। वर्ष 2014 में चिबोक से सैकड़ों स्कूली छात्राओं के अपहरण की घटना नाइजीरिया के इतिहास की सबसे कुख्यात घटना मानी जाती है, लेकिन दुखद सच्चाई यह है कि यह सिलसिला थमा नहीं है। हाल के दिनों में बोरनो राज्य के मुसा गांव से 40 से अधिक छात्रों का अपहरण और दक्षिण-पश्चिम नाइजीरिया के ओयो राज्य में दर्जनों छात्रों को अगवा करना यह दर्शाता है कि अब कोई भी क्षेत्र सुरक्षित नहीं बचा है।
नाइजीरिया 2009 से ही पूर्वोत्तर में केंद्रित सशस्त्र विद्रोह से लड़ रहा है। हालांकि, एक दशक पहले की तुलना में हिंसा की तीव्रता में कुछ कमी आई थी, लेकिन विश्लेषकों ने पिछले साल से हमलों में एक बार फिर वृद्धि की चेतावनी दी थी। लासा का यह हमला उसी बढ़ती हुई असुरक्षा का परिणाम है। लापता छात्रों के परिवारों की चिंताएं चरम पर हैं और वे लगातार सरकार से उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने की अपील कर रहे हैं। शिक्षा और भविष्य के प्रति डर पैदा करना इन समूहों की मुख्य रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल, सुरक्षा बल तलाशी अभियान चला रहे हैं, लेकिन जब तक ये छात्र सुरक्षित अपने घर नहीं लौट आते, तब तक नाइजीरिया के इन क्षेत्रों में दहशत का साया बना रहेगा।