Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण के मुद्दे पर NDA का बड़ा ऐलान, विपक्ष के खिलाफ कल देशभर में होग... Sabarimala Case: आस्था या संविधान? सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की बेंच के सामने तीखी बहस, 'अंतरात्मा की... Rahul Gandhi Case: दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने द... Singrauli Bank Robbery: सिंगरौली में यूनियन बैंक से 20 लाख की डकैती, 15 मिनट में कैश और गोल्ड लेकर फ... Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, IMD ने अगले 24 घंटों के लिए जारी किया... Jhansi Viral Video: झांसी के ATM में घुस गया घोड़ा! गेट बंद होने पर मचाया जमकर बवाल; वीडियो हुआ वायर... Amit Shah in Lok Sabha: 'कांग्रेस ही OBC की सबसे बड़ी विरोधी', महिला आरक्षण पर अमित शाह ने विपक्ष को... Women Reservation Bill: महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल गिरा, विपक्ष ने कहा- 'बीजेपी... Haryana Revenue: अब राजस्व संबंधी शिकायतों का 48 घंटे में होगा समाधान, हरियाणा सरकार ने शुरू की नई स... Gurugram News: अवैध पेड़ कटाई पर NGT का बड़ा एक्शन, हरियाणा सरकार को 4 हफ्ते का अल्टीमेटम; रिपोर्ट न...

बक्सा व्याघ्र परियोजना में दुर्लभ प्रजाति के जंगली कुत्ते देखे गये

राष्ट्रीय खबर

अलीपुरदुआर: यहां के बक्सा बाघ परियोजना में अचानक ही जंगली कुत्तों का एक झूंड देखा गया है। इसे वन विभाग के लोग और पर्यावरण विशेषज्ञ बहुत बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। इस प्रजाति को इंडियन ढोल नाम से जाना जाता है। वर्तमान समय में इसकी तादाद बहुत कम हो गयी है।

पहले भी विभाग को इस प्रजाति के यहां होने की भनक थी लेकिन पहले इनके वहां होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल पाया था। जंगल के अंदर लगाये गये ट्रैप कैमरे में इसी प्रजाति के कुत्तों का एक समूह कैद हुआ है। विभाग के डीएफओ प्रवीण कासवान ने इसे बड़ी बात माना है।

वैसे भी इस जंगली प्रजाति के कुत्तों की संख्या भारतवर्ष सहित अन्य भागों में बहुत कम हो गयी है। पर्यावरण विशेषज्ञ इस प्रजाति के वहां पाये जाने को एक शुभ संकेत मानते हैं। दरअसल यह ऐसी प्रजाति है जो मिलकर शिकार करती है। वे अपने प्राकृतिक आचरण की वजह से जंगल में आबादी के अनुपात को कायम रखने तथा मरे जानवरों को साफ करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

बक्सा ब्याघ्र परियोजना के घने जंगलों में एक समूह को देखे जाने का अर्थ यह भी है कि इस प्रजाति को यहां का माहौल समर्थन दे रहा है। इसी वजह से वे इस जंगल में अब दोबारा से अपनी तादाद बढ़ाने में कामयाब हुए हैं। वैसे जानकार यह भी बताते हैं कि इंडियन ढोल प्रजाति के कुत्ते देश के दूसरे हिस्सों में भी थे पर अब सभी जंगलों में उनकी संख्या बहुत कम हो चुकी है।

वरना अधिक संख्या में होने की स्थिति में बड़े से बड़ा जानवर भी इनके रास्ते से हट जाता है। झूंड में हमला करने वाला यह प्राणी भूख लगने पर सामने नजर आने वाले किसी भी शिकार पर हमला करने से बाज नहीं आता है।