Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bengaluru Quarry Accident: बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा, चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों ... Indore School News: स्कूल की जमीन पर बना मंदिर, 150 बच्चों का भविष्य एक कमरे के भरोसे; पढ़ें पूरी रिप... Ujjain Shipra Aarti: उज्जैन रामघाट पर प्रशासन की कार्रवाई, आरती स्थल से लाउडस्पीकर जब्त होने पर तीर्... MP Monsoon Alert: मध्य प्रदेश में मानसून का यू-टर्न, 48 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट ... Jabalpur Politics: कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद जबलपुर में 'बगावत' के सुर, विवेक तन्खा ने उठाए वि... Sagar Water Supply News: सागर-मकरोनिया में टाटा प्रोजेक्ट्स की विदाई, अब नगर निगम खुद संभालेगा पानी ... Shahdol Anganwadi Recruitment 2026: शहडोल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर बंपर भर्ती, 13... Balaghat Fire News: राघोटोला पंप हाउस में लगी भीषण आग, 150 करोड़ की सिंचाई परियोजना को करोड़ों का नुकस... Chhatarpur News: CM मोहन यादव के विकास कार्यों की शिलापट्टिकाएं कबाड़ में मिलीं, प्रशासनिक अमले में ह... Gwalior Looteri Dulhan: शादी के 21 दिन बाद गहने लेकर भागी पत्नी, इंस्टाग्राम पर पति को दे रही 'डेथ व...

एमसीडी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर आ गये दिल्ली के एलजी

  • अनेक फैसलों पर पहले से है टकराव

  • दस पार्षदों का मनोनयन किया था

  • एलजी कार्यालय को नोटिस जारी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की याचिका पर एलजी ऑफिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने एलजी की ओर से एमसीडी में मनोनीत पार्षद यानी एल्डरमैन की नियुक्ति को चुनौती दी थी। दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी और एडवोकेट सदान फरासत ने किया।

उन्होंने बुधवार को सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने याचिका पर दलीलें रखीं। मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। सरकार और उप राज्यपाल के बीच अधिकांश मुद्दों पर टकराव जगजाहिर है। एक निर्वाचित सरकार को काम करने पर रोकने की वजह से केंद्र सरकार द्वारा मनोनित उपराज्यपाल को सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी निर्देश दिया था।

इस बार एमसीड़ी के मुद्दे पर दिल्ली सरकार ने याचिका में कहा है कि 1991 में अनुच्छेद-239एए के प्रभाव में आने के बाद से यह पहली बार है कि चुनी हुई सरकार को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए एलजी ने इस तरह का नामांकन किया है। दावा किया कि इससे एक अनिर्वाचित ऑफिस को ऐसी शक्ति का अधिकार मिल गया है, जो विधिवत निर्वाचित सरकार से जुड़ी है।

दिल्ली सरकार ने 3 और 4 जनवरी, 2023 के आदेशों और अधिसूचनाओं को रद्द करने की मांग की, जिसके तहत एलजी ने एमसीडी में 10 नामित सदस्यों को अपनी पहल पर नियुक्त किया। इसके लिए दिल्ली के मंत्रिपरिषद से न कोई सहायता ली गई और न सलाह। ऐसा दावा करते हुए याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि न तो कोई धारा और न ही कानून का कोई अन्य प्रावधान कहीं भी कहता है कि इस तरह का नामांकन प्रशासक द्वारा अपने विवेक से किया जाना है।

आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार ने एलजी वीके सक्सेना की ओर से एमसीडी में सदस्य चुने जाने का विरोध किया था। इसके लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट भी गई थी। दिल्ली सरकार ने इसके अलावा मेयर चुनाव में मानोनीत पार्षदों के मतदान के अधिकार को भी सुप्रीम कोर्ट में उठाया था। अभी दिल्ली एमसीडी में नए मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के 6 सदस्यों का चुनाव बाकी है।