Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dubai Property Market: मिडिल ईस्ट टेंशन का दुबई रियल एस्टेट पर बड़ा असर, औंधे मुंह गिरे प्रॉपर्टी के... Health Alert: क्या आप भी AI से पूछते हैं बीमारी का इलाज? नई स्टडी का खुलासा- 50% मामलों में मिली गलत... Vaishakh Masik Shivratri 2026: आज है वैशाख मास की शिवरात्रि, जानें पूजा का सटीक मुहूर्त और विशेष संय... Fitness Tips: जिम जाने का समय नहीं? आलिया भट्ट के ट्रेनर से सीखें 10 मिनट का ये आसान होम वर्कआउट Jhansi News: झांसी में बीयर कंटेनर और मिर्ची के ट्रक में जोरदार भिड़ंत, लूटपाट के डर से मौके पर पुलि... Amravati News: 108 लड़कियों से दरिंदगी और 350 वीडियो वायरल; जानें अमरावती 'वीडियो कांड' में कैसे बिछ... MP Crime News: झाबुआ में अमानवीयता की सारी हदें पार, महिला का मुंडन कर कंधे पर पति को बैठाकर गांव मे... Cyber Crime News: 'आपका नंबर पहलगाम आतंकी के पास है...' कॉल पर डराकर बुजुर्ग से 73 लाख की ठगी, जानें... Bihar New CM: बिहार में रचा गया इतिहास, सम्राट चौधरी बने पहले BJP मुख्यमंत्री; विजय चौधरी और विजेंद्... Bengal Election 2026: पांच संभाग और BJP का 'साइलेंट मिशन', चुनावी शोर के बीच ऐसे बंगाल फतह की रणनीति...

चुनाव से पहले चुनाव आयोग की परीक्षा

देश में पहले कर्नाटक और उसके बाद कई राज्यों के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव से पहले ही पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक वकील ने चुनाव आयोग से आम आदमी पार्टी (आप) को दिल्ली और पंजाब में ‘राज्य पार्टी’ का दर्जा प्राप्त करने और राज्य की पार्टी बनने की योग्यता के मद्देनजर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देने का आग्रह किया है।

गोवा और गुजरात में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उनके प्रदर्शन के आधार पर। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार और चुनाव आयुक्तों अनूप चंद्र पांडे और अरुण गोयल को शनिवार को लिखे पत्र में हेमंत कुमार ने मांग की कि कर्नाटक विधानसभा के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले आप को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया जाना चाहिए।

और पंजाब में जालंधर लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव। उन्होंने कहा कि 24 मई को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही कर्नाटक चुनाव की घोषणा की जाएगी। इस एक मांग से भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता की दोबारा परख हो जाएगा। वैसे इनदिनों अपने फैसलों और चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ साथ चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के मुद्दे पर यह आयोग अपनी निष्पक्षता की साख को दांव पर लगा चुका है।

इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर सवाल उठाये हैं। इस बार अधिवक्ता ने बताया कि 23 सितंबर, 2021 को भारत निर्वाचन आयोग  द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आप केवल दिल्ली और पंजाब में एक राज्य की पार्टी थी। हालाँकि, यह मार्च 2022 में गोवा में एक राज्य पार्टी बनने के योग्य है क्योंकि इसने विधानसभा चुनावों में डाले गए कुल वैध मतों का 6% से अधिक मतदान किया और इसके दो उम्मीदवार विधायक के रूप में चुने गए।

इसके बाद, गुजरात में भी आप ने दिसंबर 2022 में राज्य की पार्टी बनने के लिए अर्हता प्राप्त की, क्योंकि इसे कुल वैध मतों का 12% से अधिक मिला। यह मतदान प्रतिशत न्यूनतम आवश्यक से दोगुना है और इसके पांच उम्मीदवार विधायक के तौर पर चुने गए हैं। हेमंत ने ईसीआई को बताया कि अगस्त 2022 में, उसने आप के संयोजक को लिखा था कि उसे गोवा में एक राज्य पार्टी के रूप में मान्यता दी गई थी और इस आशय की एक अधिसूचना नियत समय में जारी की जाएगी।

हालाँकि, अधिसूचना अभी तक भारत के राजपत्र में प्रकाशित नहीं हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि ईसीआई ने अभी तक गुजरात में चुनाव प्रतीक (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैराग्राफ 6ए (i) के तहत आप को राज्य पार्टी का दर्जा देने के लिए कोई आदेश या अधिसूचना जारी नहीं की है, इसके कारणों को सबसे अच्छी तरह से जाना जाता है।

एक बार ऐसा हो जाने के बाद, पार्टी चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के अनुच्छेद 6बी (3) के तहत एक राष्ट्रीय पार्टी बनने के योग्य हो जाएगी। पत्र में यह भी कहा गया है कि मणिपुर, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में राज्य पार्टी बनने के बाद ईसीआई ने जून 2019 में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को इसी तरह की मान्यता प्रदान की थी।

चुनाव आयोग इस पर क्या फैसला लेता है, इस पर सभी की नजर रहेगी क्योंकि अब तक अधिसूचना जारी क्यों नहीं की गयी, इस पर पहले से ही सवाल खड़े हो चुके हैं। दरअसल चुनाव आयोग का भाजपा के पक्ष में काम करने के कई फैसले उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर चुके हैं। कई चुनाव कार्यक्रमों  में भी भाजपा को फायदा पहुंचाने का आयोग का फैसला सभी के सामने है।

दूसरी तरफ यह स्पष्ट होता जा रहा है कि जहां पर इस सबसे नई आम आदमी पार्टी का संगठन मजबूत हुआ है, वहां से वह भाजपा के मुकाबले अधिक बेहतर विकल्प के तौर पर उभरी है। दिल्ली के नगर निगम का चुनाव इसका उदाहरण है। खबर है कि अरविंद केजरीवाल अपने गृह राज्य हरियाणा में भी पार्टी को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारियों में जुटे हैं।

इसके अलावा कर्नाटक और मध्यप्रदेश में भी उन्होंने जनसभाओं का आयोजन कर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। वर्तमान में सिर्फ शिक्षा और स्वास्थ्य के जरिए दिल्ली की जनता के बीच अपना भरोसा कायम कर चुके केजरीवाल ने पार्टी के गठन के पहले एक बड़ी बात कही थी।

उस वक्त उन्होंने कहा था कि, राजनीति कैसे की जाती है, इन दलों को अब हमलोग सीखायेंगे। केजरीवाल की उस वक्त कही गयी बात का वजन अब भाजपा महसूस कर रही है जबकि उस दौर में केजरीवाल के निशाने पर कांग्रेस ही थी। राहुल गांधी की सदस्यता के मुद्दे पर केजरीवाल का बयान भी भाजपा के लिए सहज नहीं है। इसलिए अब चुनाव आयोग इस सबसे नई पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देती है अथवा नहीं, यह देखने वाली बात होगी।