Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक हिमाचल प्रदेश में सियासी हलचल तेज: मुकेश अग्निहोत्री और विक्रमादित्य सिंह बने दावेदार; खतरे में सुक्... भगवंत मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' ने बचाई 700 ग्राम की मासूम की जान! नवांशहर में मिला ₹3 ल... गोरखपुर में खाकी शर्मसार: डायल-112 के सिपाही ने 10 साल की बच्ची से की दरिंदगी और हत्या; बर्खास्त, लग... रायबरेली में जमीन धंसने से हुआ बड़ा खुलासा, मिली 2000 साल पुरानी 'कुषाणकालीन नगरी' जैसलमेर में सेना की गाड़ी से टकराया ऊंट: 100 मीटर घिसटी SUV, 1 महीने पहले हुई शादी वाले मेजर हमजा आर... दिल्ली में गर्मियों में कंस्ट्रक्शन और सर्दियों में गाड़ियों का धुआं बना रहा हवा जहरीली, केंद्र ने स... अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी पर संसद में अनोखा विरोध! संत बने पप्पू यादव, राहुल-डिंपल ने 'दान पेटी' म...

ईडी को ज्ञापन देने जा रहे नेताओँ को पुलिस ने रोका

नयी दिल्ली: अडाणी समूह के खिलाफ आरोपों की जांच की मांग कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं के मार्च को पुलिस ने आज विजय चौक पर रोक दिया और प्रवर्तन निदेशालय नहीं जाने दिया।

कांग्रेस सहित 18 विपक्षी दलों के नेताओं ने अडाणी समूह के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशक को निदेशालय के मुख्यालय में ज्ञापन देने के लिए संसद भवन परिसर से मार्च शुरू किया हालाकि पुलिस ने क्षेत्र में धारा 144 लगी होने का हवाला देते हुए उन्हें विजय चौक पर ही रोक दिया।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बाद में कहा कि विपक्षी नेता अडाणी घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशक को शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं होने दिया।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम अडाणी समूह मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग कर रहे हैं। हालाकि भाजपा इस समिति का गठन नहीं होने देना चाहती क्योंकि इससे भ्रष्टाचार का खुलासा हो जायेगा और भाजपा का वास्तविक चेहरा सबके सामने आ जायेगा।

मार्च में शामिल अन्य नेताओं में मार्क्सवादी विनय विश्वम, ऐलामारम करीम , द्रमुक के टी आर बालू, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव , आम आदमी पार्टी के संजय सिंह , शिवसेना के संजय राउत और भारत राष्ट्र समिति के केशव राव आदि शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपनी अपनी मांग पर अड़े रहने के कारण गतिरोध बना हुआ है और बजट सत्र के दूसरे चरण में पिछले तीन दिनों में हंगामे के कारण कार्यवाही ठप है। जहां विपक्षी दल अडाणी समूह के खिलाफ आरोपों की जांच की मांग के लिए संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग कर रहे हैं वहीं सत्ता पक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लंदन में भारत के बारे में दिये गये बयानों को आपत्तिजनक बताते हुए उनसे माफी की मांग कर रहा है।