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राज्य सरकार ने सदन में आने की अपील की

  • संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष से आग्रह किया

  • राजद विधायक ने भाजपा शासित राज्यों का उल्लेख किया

  • सदन के मुख्यद्वार पर भी धरना देते रहे भाजपा के विधायक

पटना: बिहार में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने विधायक के निलंबन के विरोध में बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया, वहीं सरकार ने उनसे सदन के अंदर हुई अशोभनीय घटना पर दुख प्रकट कर कार्यवाही में हिस्सा लेने की अपील की ।

विधानसभा में पूर्वाह्न 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विपक्ष की गैर मौजूदगी को देखते हुए कहा कि कल इस सदन में कुछ अप्रिय घटनाएं हुई थी । उन्हें यह लगता है कि सदन के किसी सदस्य और विशेष रूप से आसन को ऐसे अशोभनीय आचरण या घटना की उम्मीद नहीं रही होगी लेकिन कभी-कभी भावावेश में ऐसी घटनाएं हो जाती हैं और मजबूरन आसन को सदन की मर्यादा के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी पड़ती है और यह वाजिब भी है।

संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष की सीट की ओर इशारा करते हुए कहा, आज इस तरफ देखते हैं तो कितना सूनापन दिख रहा है । हम लोग इनकी किसी बात का कभी बुरा नहीं मानते हैं लेकिन सदन की भी मर्यादा होती है, अनुशासन होता है और उसपर जब आघात होता है तो मजबूरन कुछ सख्त फैसला लेना पड़ता है।

इसके बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि कल ही उत्तराखंड में जहां भाजपा की सरकार है वहां मेज थपथपाने और सदन के बीच में आने के कारण विपक्ष के सभी सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। वहां कांग्रेस और अन्य दलों के करीब 15 विधायक हैं। सभी पर सख्त कार्रवाई की गई।

इसी तरह मार्च के महीने में ही गुजरात में जिसको भाजपा के लोग आदर्श मानते हैं वहां भी 19 विधायकों को निलंबित कर दिया गया था। मध्यप्रदेश में भी भाजपा की सरकार में कांग्रेस के जीतू पटवारी को पूरे सत्र के निष्कासित कर दिया गया। इसी तरह गुजरात में कांग्रेस के जिग्नेश मेवानी समेत नौ विधायकों को इसी महीने में निष्कासित कर दिया गया।

श्री शाहीन ने कहा कि जहां भाजपा की सरकार है वहां पर वे सदन को अनुशासन से चलना चाहते हैं, लेकिन यहां पर यह अनुशासनहीनता करते हैं । उन्होंने सभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे भी यहां सदन में अनुशासन को बनाए रखने के लिए जो भी कदम उठाएंगे उसमें उनकी पार्टी उनके साथ होगी।

इस पर सभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने जो सुझाव दिया है, उसके बाद वह विपक्ष के सभी सदस्यों से आग्रह करते हैं कि वे सदन में आए और जो कल घटना घटी है उसपर खेद या दुख प्रकट करें तो अच्छा है । उधर सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा के सदस्य विधानसभा के मुख्य द्वार के सामने ही धरना पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद भाजपा के विधायकों ने राजभवन तक मार्च भी किया ।