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अंबुजा सीमेंट के काफी शेयर बेचकर चुकाएगा कर्ज अडाणी समूह

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः अदाणी ग्रुप का कुल कर्ज 24 अरब यानी 2 हजार 4 अरब डॉलर है। लंबे समय से विश्लेषकों के बीच कर्ज को लेकर संदेह रहा है, यानी इतनी बड़ी राशि के कर्ज के साथ अडानी समूह कितना टिकाऊ है।

हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद भी अदाणी ग्रुप ने हमेशा यही कहा है कि कर्ज कोई बड़ी समस्या नहीं है। उनके पास भुगतान करने की क्षमता है। लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक अदानी ग्रुप अंबुजा सीमेंट के 450 मिलियन डॉलर के शेयर बेचकर कर्ज कम करने की सोच रहा है।

इस प्रक्रिया में शामिल लोगों ने बताया कि अडानी ग्रुप अंबुजा सीमेंट में 4-5 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहता है। गौतम अडानी ने निवेशकों से इसे खरीदने का आग्रह किया। अंबुजा सीमेंट में अदाणी ग्रुप की 63 फीसदी हिस्सेदारी है।

उस सीमेंट उद्योग के हिमाचल प्रदेश के प्लांट में काफी दिनों तक हड़ताल रही थी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर यह हड़ताल समाप्त हुई है। अब अंबुजा सीमेंट के इन शेयरों को कौन खरीद सकता है, इस बारे में अदाणी ग्रुप ने कुछ नहीं कहा। इसके अलावा योजना को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इस प्रक्रिया में शामिल एक अन्य सूत्र ने इसकी पुष्टि की।

अगर इस खबर की पुष्टि होती है तो कहा जा सकता है कि यह पहली बार है जब अडानी समूह ने संपत्ति बेचकर कर्ज चुकाने की पहल की है। वैसे समझा जा सकता है कि अदानी ग्रुप ने अपनी छवि को वापस लाने की कोशिश शुरू कर दी है। और उस उद्देश्य के लिए, एक अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क एजेंसी नियुक्त की गई है।

इस एजेंसी ने पहले भी कई कंपनियों को खाई से बाहर निकाला है। हाल ही में उन्होंने इस सिलसिले में काफी नाम कमाया है। उन्होंने अब अडानी की ‘छवि को फिर से स्थापित करने’ की जिम्मेदारी ली है। खबर है कि इस एजेंसी ने बहुत कुशलता से काम करना शुरू कर दिया है।

इसके अलावा अडानी समूह की विभिन्न कंपनियों ने निवेशकों का विश्वास फिर से हासिल करने के लिए विभिन्न कंपनियों के ऋणों का समय से पहले भुगतान करना शुरू कर दिया है। अडानी पोर्ट्स और एसईजेड ने पिछले महीने एसइस महीने इसने हिंडनबर्ग विवाद के मद्देनजर अडानी समूह की कई कंपनियों की रेटिंग ‘मामूली’ से घटाकर ‘मध्यम’ कर दी।

हालांकि कुल मिलाकर इन कंपनियों के मूल्यांकन में कोई बदलाव नहीं हुआ है। मूल्यांकन में इस बदलाव से निवेशकों के प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, अडानी समूह ने हमेशा की तरह इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।