Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Sanjay Barwasni Protest: सोनीपत में जिला पार्षद का प्रदर्शन; अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे... HTET 2025 Application Correction: हरियाणा TET परीक्षा आवेदन में सुधार का मौका; 25 जून तक करें त्रुटि... Namo Bharat Corridor Haryana: हरियाणा की नई मेट्रो और नमो भारत परियोजनाओं को मिली मंजूरी; 33,000 करो... Chandigarh Education Department News: शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत; CCL प्रक्रिया हुई सरल... HBSE 10th Result Update: री-चेकिंग ने बदली किस्मत; हरियाणा बोर्ड की नई टॉपर बनी दिपांशी जैन, हासिल क... Hisar Toll Plaza Murder: हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर सनसनी; टोल टैक्स को लेकर हुए विवाद में मैनेजर की गाड... India's First Hydrogen Train: 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन; जींद-सो... Haryana Pension News: पेंशनधारकों के लिए चेतावनी; 30 दिनों में जन्म तिथि सत्यापित न कराई तो रुक जाएग... Ambala News: मानसून से पहले अंबाला कपड़ा मार्केट में नगर निगम का 'पीला पंजा'; अतिक्रमण हटाने का बड़ा ... राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का असर अब निकल रहा है

निजाम बदला तो बदल गयी पुलिस विभाग की चाल भी

  • पुलिसमेंस एसोसियेशन ने पत्र लिखा

  • होटवार के प्रशिक्षण की शिकायत की

  • एसीपी का लाभ लेने में हो रही गड़बड़ी

राष्ट्रीय खबर

रांचीः झारखंड पुलिसमेंस एसोसियेशन का एक पत्र राज्य के डीजीपी को भेजा गया है। यह पत्र अब सार्वजनिक है। इसमें कहा गया है कि एसोसियेशन अपनी तरफ से किसी भी गुमनाथ पत्र का समर्थन नहीं करता है।

डीजीपी को यह पत्र एसोसियेशन के प्रांतीय अध्यक्ष द्वारा लिखा गया है। इसकी प्रति कई अन्य अधिकारियों को भी भेजी गयी है। इस पत्र से दरअसल इस गुमनाम पत्र की चर्चा शुरु हो गयी है, जिसे सभी प्रशिक्षुओं की तरफ से लिखा गया था।

यह वास्तव में एक गुमनाम पत्र की श्रेणी में है क्योंकि इसमें आवेदक के स्थान पर सभी प्रशिक्षु झारखंड लिखा गया है। इस गुमनाम पत्र में कई सिपाहियों की तैनाती और होटवार में चल रहे उनके प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने की बात कही गयी थी।

दरअसल यह मुद्दा एसीपी के लाभ के नियमों का पालन से जुड़ा हुआ है। इस गुमनाम पत्र के कई आरक्षियों के नामों का उल्लेख भी किया गया था जो प्रशिक्षण में शामिल ना होकर वरीय अधिकारियों के साथ जुड़े हुए थे। सिर्फ एसीपी का लाभ दिलाने के लिए प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं होने के बाद भी इनकी औपचारिकता पूरी की जा रही है।

इस पत्र पर पुलिसमेंस एसोसियेशन में प्रतिक्रिया हुई है। इसी वजह से अपने संगठन के लेटर पैड पर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष ने डीजीपी सहित कई वरीय अधिकारियों का ध्यान इस तरफ आकृष्ट किया है।

एसोसियेशन की तरफ से आधिकारिक तौर पर यह कहा गया है कि वे इस किस्म के गुमनाम पत्रों को बढ़ावा देने का समर्थन नहीं करते हैं। लेकिन यह पत्र सीधे डीजीपी को प्रेषित किया गया है। इसलिए उस पत्र में जिन मुद्दों का उल्लेख किया गया है, उसकी जांच हो।

एसोसियेशन के प्रांतीय अध्यक्ष के पत्र में यह भी कहा गया है कि यह विषय राज्य पुलिस की साख से जुड़ा हुआ मामला भी है। एसोसियेशन ने उल्लेखित मुद्दों की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने तथा उस कमेटी में पुलिसमेंस एसोसियेशन के एक सदस्य को भी शामिल करने का अनुरोध किया है।

इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद अब साफ होता जा रहा है कि पुलिस विभाग के उच्च पदों पर तैनात अधिकारियों के यहां प्रतिनियुक्त कुछ आरक्षियों के मामले में नियमों में हेराफेरी की जा रही है। इससे होटवार में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दूसरे आरक्षियों में आक्रोश है। चर्चा है कि इस बारे में कोई वीडियो भी निचले स्तर के पुलिसकर्मियों के बीच वायरल हो गया है।