Bhopal News: त्विषा शर्मा केस में पुलिस रिमांड पर आरोपी समर्थ; डिलीटेड चैट्स और डिजिटल एविडेंस से खुलेगा राज?
भोपाल: भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में आरोपी समर्थ सिंह से पुलिस की पूछताछ का दौर जारी है। तीन दिनों की रिमांड के दौरान पुलिस ने उससे करीब 10 घंटे तक गहन पूछताछ की है। पूछताछ में समर्थ सिंह ने दावा किया कि घटना वाले दिन सब कुछ सामान्य था और दोनों ने साथ में जिम व वॉक भी किया था। हालांकि, पुलिस द्वारा रिकवर किए गए ‘डिलीटेड चैट्स’ और त्विषा के परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद समर्थ के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब समर्थ के बयानों का मिलान डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों से करने में जुटी है।
🤰 गर्भपात पर परस्पर विरोधी दावे: ‘पिता बनना चाहता था समर्थ’, आरोपी का सनसनीखेज आरोप
पूछताछ में समर्थ सिंह ने गर्भपात (Abortion) से जुड़े कई विवादास्पद दावे किए हैं। उसने कहा कि वह पिता बनने के लिए तैयार था, लेकिन त्विषा बच्चा नहीं चाहती थी। समर्थ ने यह भी आरोप लगाया कि त्विषा ड्रग्स के सेवन के कारण गर्भ नहीं रखना चाहती थी और अपनी मर्जी से डॉक्टर निधि नागर के पास जाकर दवा के जरिए गर्भपात कराया था। पुलिस अब इन दावों की सच्चाई जानने के लिए संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों को खंगाल रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समर्थ के बयान सच हैं या केवल गुमराह करने की कोशिश।
🔍 पुलिस की अगली रणनीति: मोबाइल डेटा और डिजिटल साक्ष्यों से खुलेगी परतें
मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए पुलिस अब पूरी तरह तकनीकी जांच पर केंद्रित है। समर्थ के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा रहा है ताकि उन चैट्स को पढ़ा जा सके जो घटना से पहले की स्थिति को स्पष्ट कर सकें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बयानों को डिजिटल साक्ष्यों के साथ क्रॉस-चेक किया जा रहा है। जैसे ही मेडिकल रिकॉर्ड और तकनीकी रिपोर्ट सामने आएगी, मामले का पूरा सच स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, जांच टीम हर उस पहलू पर बारीकी से काम कर रही है जिससे यह पता चल सके कि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।