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Ujjain Police Controversy: चिमनगंज थाने के आरक्षकों पर गिरी गाज; छेड़छाड़ आरोपी के चाचा-भाई को पीटने का मामला

उज्जैन: शहर के चिमनगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ थाना प्रभारी की अनुमति के बिना ही दो पुलिसकर्मी एक छेड़खानी के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुंच गए। पुलिस की इस मनमानी कार्यप्रणाली ने उस समय तूल पकड़ लिया जब आरोपी युवक घर पर नहीं मिला, तो आरक्षकों ने उसके चाचा और भाई को बेरहमी से पीट दिया। पुलिस द्वारा की गई इस अनुचित कार्रवाई के विरोध में स्थानीय कांग्रेस अध्यक्ष और वाल्मिकी समाज के लोगों ने एकजुट होकर थाने का घेराव कर दिया और सख्त कार्रवाई की मांग की।

⚖️ एसपी की सख्त कार्रवाई: विवाद बढ़ने पर दोनों आरक्षक लाइन अटैच

मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस की इस दबंगई और बिना अनुमति कार्रवाई को अनुशासनहीनता मानते हुए, एसपी ने दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों— आरक्षक अभिषेक राठौड़ और आरक्षक जगदीश गेहलोत— को तत्काल प्रभाव से ‘लाइन अटैच’ करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस कार्रवाई से आक्रोशित भीड़ शांत हुई, लेकिन विभाग की इस कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

📝 क्या है पूरा मामला?

आगर रोड स्थित शहीद नगर निवासी योगेश डागर के भतीजे पवन पर एक युवती ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके संबंध में चिमनगंज थाने में मामला दर्ज था। शिकायत के बाद आरक्षक अभिषेक राठौड़ और जगदीश गेहलोत पवन को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर गए थे। चूंकि पवन घर पर नहीं था, तो पुलिसकर्मियों ने अपना गुस्सा उसके परिजनों पर निकाला। बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी या थाना प्रभारी की सूचना के इस तरह की दबिश और मारपीट को पुलिस नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है। मामले की जांच अब उच्च अधिकारियों की देखरेख में की जा रही है।