Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बरेली: नीली बत्ती वाली फर्जी महिला IAS का करोड़ों का जॉब स्कैम, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर करते थे ठग... IIT में अच्छी रैंक के बाद भी चुना शतरंज: सड़कों पर गुजारी रातें, अब 30 देशों में सिखा रहे हैं चेस; प... गोविंदा-सुनीता के 40 साल पुराने रिश्ते में सुलह: फैमिली कोर्ट पहुंचीं पत्नी सुनीता आहूजा, तलाक की या... केन्या में भीषण हेलिकॉप्टर क्रैश: इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख और 5 अमेरिकी नागरिकों सहित सभी 7 लोगों क... माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में बड़ा बदलाव: कुल पोर्टफोलियो और कर्जदार घटे, औसत लोन साइज 19% बढ़ा भारत में Starlink की नई छलांग: Gen 2 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन और D2D सर्विस के लिए नया आवेदन सावन पुत्रदा एकादशी कब है? जानें 23 अगस्त 2026 की सही तिथि, पूजा विधि और संतान प्राप्ति के सिद्ध मंत... ब्रेड से बनाएं ये 5 क्रिस्पी और टेस्टी स्नैक्स: बच्चों और बड़ों के नाश्ते के लिए आसान और हेल्दी रेसि... कश्मीर पर अमेरिका की नीति में बड़ा बदलाव: श्रीनगर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, अलगाववाद को दरक... विशाखापत्तनम में भोजन की तस्वीरों पर छिड़ा सियासी संग्राम, सपा ने लगाया मांसाहार का आरोप

शार्क ने नदी में तैरती नाबालिग बच्ची को मार डाला

पर्थः यहां की नदी में तैरने गयी एक बच्ची पर शार्क ने हमला कर दिया। किसी तरह उसे घायल हालत में बाहर तो निकाल लिया गया था लेकिन अस्पताल में उसकी मौत हो गयी। यहां के स्वान नदी में शार्क के ऐसे हमले से लोग अब नदी के करीब जाने से भी डर रहे हैं।

नदी में इस किस्म का हमला होते जिनलोगों ने देखा है, वे सभी मानसिक चोट की स्थिति में है। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया पुलिस के इंस्पेक्टर पॉल रॉबिनसन ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नदी में डॉलफिनों का एक समूह भी तैर रहा था।

इसी स्थिति को देखकर इस बच्ची ने नदी में छलांग लगायी थी। पानी के नीचे तैरती शार्क ने अचानक उस पर हमला कर दिया। किसी तरह उसे जब खींचकर निकाला गया तो वह खून से सनी हुई थी।

अनुमान है कि इस बच्ची पर हमला करने वाला एक बुल शार्क था, जो आम तौर पर ऑस्ट्रेलिया के नदियों में भी पाया जाता है। इससे पहले वर्ष 2021 में भी इसी स्वान नदी में शार्क के हमले से एक पचास साल का व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था।

यहां के जेम्स कूक यूनिवर्सिटी के शोध कर्ता एंड्रूय चीन ने कहा कि यह नदी स्वाभाविक तौर पर इस प्रजाति के शार्कों के निवास स्थल है। अब लोग ही उनके करीब जा रहे हैं। आम तौर पर वे इंसानों पर हमला नहीं करते हैं लेकिन अपवाद की स्थिति की कई घटनाएं भी है।

इससे पहले समुद्री इलाकों में तैरते इंसानों पर शार्क के हमलों की घटनाओं में अप्रत्याशित तौर पर बढ़ोत्तरी हो रही है। इस बारे में भी समुद्री वैज्ञानिक मानते हैं कि दरअसल अपने शिकार की तलाश मे घूमते शार्कों के करीब जाने वाले इंसान पर वे शिकार समझकर ही हमला करते हैं।

आम तौर पर शार्क या कोई भी दूसरी प्रजाति बेवजह हमला नहीं करती है। अब इस हादसे के बाद लोगो को नदी में जाने के लिए सतर्क किया गया है। साथ ही एहतियात के तौर पर बोट पर सवार पुलिस वाले इलाके की गश्ती भी कर रहे हैं।