नेपाल की बर्फ से ढकी चोटी का वीडियो सामने आया
काठमांडूः नेपाल के पर्वतीय क्षेत्र से एक बेहद डरावनी और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर से हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते खतरे और प्राकृतिक आपदाओं की वास्तविकता को उजागर कर दिया है। नेपाल की एक बर्फीली और खूबसूरत चोटी पर आए भीषण हिमस्खलन यानी एवलंच के बाद का एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है।
यह प्राकृतिक आपदा नेपाल के मनांग जिले के नार फू इलाके में स्थित लगभग 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी के बेस कैंप के पास घटी। इस भयानक हादसे में कम से कम चार लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की खबर है, जिनकी तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। सामने आए इस नए वीडियो में इस हादसे की भयावहता साफ तौर पर देखी जा सकती है, जिससे पूरी दुनिया के पर्वतारोहियों और प्रकृति प्रेमियों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हिमस्खलन अचानक से उस समय हुआ जब बेस कैंप पर पर्वतारोही और सहायक गाइड अपनी गतिविधियों में व्यस्त थे। अचानक टनों बर्फ के पहाड़ों के दरक कर नीचे गिरने से चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते पूरा बेस कैंप बर्फ की सफेद चादर के नीचे दब गया।
इस खतरनाक हादसे के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार चैनलों पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें बर्फीले तूफान की भयंकर ताकत और उसके बाद मची तबाही का खौफनाक मंजर साफ दिखाई दे रहा है। घटना की सूचना मिलते ही नेपाल की रेस्क्यू टीमों को तुरंत हरकत में लाया गया, लेकिन लगातार खराब मौसम, भारी बर्फबारी और बारिश के कारण बचाव कार्यों में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। रेस्क्यू वर्कर अपनी जान जोखिम में डालकर गहरी बर्फ को खोदकर लापता लोगों को तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है, जिसके चलते इस तरह के अप्रत्याशित हिमस्खलन और भूस्खलन की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नेपाल सरकार और टूरिज्म डिपार्टमेंट ने भी इस दुर्घटना के बाद पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के लिए सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा आपदाओं से बचा जा सके। बहरहाल, इस वीडियो के सामने आने के बाद पर्वतीय पर्यटन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, और हर कोई सुरक्षित बचाव कार्य की कामना कर रहा है।