यमन के ताएज शहर के बाजार में हवाई हमला
बॉब अल मंदेवः युद्ध और संघर्ष की विभीषिका से पिछले कई वर्षों से जूझ रहे यमन से एक बेहद दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर से इस देश की मानवीय त्रासदी को पूरी दुनिया के सामने ला खड़ा किया है। यमन के घनी आबादी वाले ऐतिहासिक शहर ताएज में स्थित एक स्थानीय और व्यस्त बाजार को निशाना बनाकर एक भीषण और घातक हवाई हमला किया गया।
इस अचानक हुए खूनी हमले में कई निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और हर तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। स्थानीय चश्मदीदों के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब बाजार में खरीदारों और दुकानदारों की भारी भीड़ थी, जिससे हताहतों की संख्या में भारी इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्यों में जुटे स्थानीय स्वयंसेवकों और चिकित्सा कर्मियों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें ताएज के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया। अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीमें घायलों की जान बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं, लेकिन कई लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
ताएज शहर यमन के उन प्रमुख क्षेत्रों में से एक है जो लंबे समय से विभिन्न सशस्त्र समूहों के बीच घेराबंदी और क्रूर संघर्ष का केंद्र रहा है। इस शहर के नागरिकों को भोजन, पानी, चिकित्सा और बिजली जैसी बुनियादी मानवीय जरूरतों के लिए भी भारी संघर्ष करना पड़ता है, और अब इस तरह के अंधाधुंध हमलों ने आम जनता की जिंदगी को और अधिक नर्क बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस दर्दनाक घटना की कड़ी निंदा की है और युद्धरत पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
यमन में चल रहे इस लंबे गृहयुद्ध ने देश के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है, और संयुक्त राष्ट्र लगातार यह चेतावनी देता रहा है कि यमन दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है।
बाजार जैसी सार्वजनिक जगहों पर इस तरह के घातक हमलों से आम नागरिकों के मन में खौफ का माहौल पैदा हो गया है, जो अपने ही घरों और बाजारों में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। इस ताजा हिंसक घटना के बाद यमन में शांति बहाली के प्रयासों को एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है, और पीड़ित परिवारों में न्याय की मांग को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पूरी दुनिया के मानवतावादी संगठन इस क्रूर हमले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।