Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
विशाल डेटा स्टोर करने में थ्री डी तकनीक Amaravati Capital Row: कल खत्म होगा आंध्र की राजधानी का सस्पेंस! लोकसभा में पेश होगा अमरावती से जुड़... Gujarat Development: गुजरात को 20,000 करोड़ का मेगा तोहफा! पीएम मोदी ने भरी विकास की हुंकार, कांग्रे... Bureaucracy Update: IAS चंचल कुमार को बड़ी जिम्मेदारी! सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बनाए गए नए सचिव... बिहार के नालंदा में शीतला माता मंदिर में मची भगदड़ वैश्विक चिप निर्माण में भारत की बढ़ती धमकः  मोदी ईरान युद्ध को जल्द समाप्त करना चाहते हैः ट्रंप प्रतिनियुक्ति पर आये सेना के अफसर पर कार्रवाई मसूद अजहर के भाई ताहिर की रहस्यमय मौत दूसरे राज्यों के वोटरों को जोड़ने की कवायद पकड़ी गयी

फिलाडेलफिया इलाके में अंडे की कीमतों में जबर्दस्त बढ़ोत्तरी

  • इलाके के फॉर्मों से अंडों की आपूर्ति बहु कम

  • एक ऑमलेट की कीमत अब बीस डालर

  • बच्चों के प्रोटिन का आसान भोजन था

फिलाडेलफियाः अंडों की कीमत स्थानीय बाजार में पिछले कुछ दिनों में चौगुणी बढ़ गयी है। इसका नतीजा है कि अब रेस्त्रां में सामान्य किस्म का ऑमलेट भी बीस डॉलर पर मिलने लगा है। भारतीय मुद्रा में अगर सोचें तो अंडे के एक ऑमलेट की कीमत वहां करीब सोलह सौ रुपये से अधिक हो चुकी है। इस स्थिति ने सामान्य नागरिकों को हैरान कर दिया है।

दरअसल अंडा भी उनके दैनिक भोजन का एक हिस्सा है। अब अत्यधिक महंगे होने की वजह से वे इसे नहीं खरीद पा रहे हैं। अब बाजार में अंडों की कीमतों में इस बढ़ोत्तरी की तरफ आर्थिक विशेषज्ञों का भी ध्यान गया है। पिछले साल तीस अंडों का जो बक्सा पचास डालर में मिलता था अब उसकी कीमत बढ़कर 127 डॉलर हो चुकी है।

पता चला है कि कई बार बर्ड फ्लू होने की वजह से आस पास के इलाके में मुर्गियों को मारना पड़ा था। इस वजह से अब स्थानीय स्तर पर फॉर्मों में मुर्गियों की जबरदस्त किल्लत हो गयी है।

ऐसे में अंडे की आपूर्ति भी घटने की वजह से उनके दाम आसमान छू रहे हैं। स्थानीय रेस्त्रां के कारोबार को भी इससे चोट पहुंची है क्योंकि अंडा आधारित किसी भी खाद्य पदार्थ के दाम बढ़ने के बाद लोग पैसे की बचत के लिए से हर स्तर पर कटौती कर रहे हैं। रेस्त्रां मालिक भी यह स्वीकार करते हैं कि आम ग्राहक कभी भी एक अंडे के ऑमलेट के लिए बीस डॉलर देने के लिए तैयार नहीं हो सकता।

इससे बिक्री घटती जा रही है। दूसरी तरफ यूक्रेन युद्ध का असर भी अमेरिकी बाजार पर पड़ा है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी की वजह से हर चीज के दाम बढ़ गये हैं। इस इलाके के कई घरों में आसान तरीके से बनने वाले प्रोटिन पदार्थ का मूल स्रोत अंडा ही रहा है। अब लोगों को खास तौर पर अपने बच्चों के लिए चिंता सताने लगी है क्योंकि उन्हें दूसरे किस्म के भोजन की आदत भी नहीं रही है।

अनेक घरों में बजट संतुलन बनाये रखने के लिए घर के बड़े लोगों ने अंडा खाना छोड़ दिया है। इसके बदले बच्चों को यह परोसा जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि स्थानीय बाजार में अंडों की यह कमी तुरत दूर होने वाली नहीं है। इसलिए दूसरे इलाकों से अंडा मंगाकर लोगों को देने की सरकारी तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।