Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मुकेश अंबानी की Jio का 'महा-धमाका'! Airtel और Vi के उड़े होश; पेश किया ऐसा प्लान कि देखते रह गए दिग्... Vastu Tips for Women: महिलाओं के इन कामों से घर में आता है दुर्भाग्य, लक्ष्मी जी छोड़ देती हैं साथ; ज... पार्लर का खर्चा बचाएं! घर पर बनाएं ये 'मैजिकल' हेयर जेल, रूखे-बेजान बाल भी बनेंगे रेशम से मुलायम और ... Raebareli Crime News: रायबरेली में मामूली विवाद पर हिस्ट्रीशीटर का हमला, परिवार के 6 लोग घायल; ढाबा ... West Bengal Election 2026: बंगाल में चुनाव बाद हिंसा रोकने को आयोग सख्त, 15 जून तक तैनात रहेगी सेंट्... Patna Metro Phase 2 Inauguration: पटना मेट्रो के दूसरे चरण का उद्घाटन कब? आ गई डेट; बेली रोड से बैरि... उन्नाव में 'काल' बनी ड्राइवर की एक झपकी! डिवाइडर से टकराकर पलटी तेज रफ्तार बस; 1 महिला की मौत, 22 या... Lucknow Builder Honeytrap Case: लखनऊ के बिल्डर पर रेप और ब्लैकमेलिंग का केस, पीड़िता से मांगी 5 लाख ... Sanjay Nishad News: क्या BJP का साथ छोड़ेंगे संजय निषाद? गोरखपुर में छलके आंसू, सपा-बसपा पर निशाना औ... Gorakhpur Religious Conversion: गोरखपुर में अवैध धर्मांतरण का गिरोह पकड़ा गया, 4 अरेस्ट; अंधविश्वास ...

साफ पानी का इंतजाम वह भी सस्ते पदार्थों से

  • दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिक दल का कमाल

  • सौर ऊर्जा आधारित तकनीक पर करता है काम

  • जहां बिजली नहीं पहुंची है वहां भी यह काम करेगा

राष्ट्रीय खबर

रांचीः दुनिया में आज भी अनेक ऐसे इलाके हैं, जहां लोगों को पीने का साफ पानी भी नहीं मिलता है। इस जल प्रदूषण की वजह से कई किस्म की बीमारियां फैलती हैं और खास तौर पर कम उम्र के बच्चे इसकी वजह से असमय ही मारे जाते हैं।

इस विषय को ध्यान में रखते हुए अब वैज्ञानिकों ने इस परेशानी को दूर करने का नया उपाय खोजा है। यह कामयाबी दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने हासिल की है। इनलोगों ने एक ऐसा छिद्रदार पॉलिमर तैयार किया है जो पानी के अंदर के वैसे प्रदूषणों को काफी तेज गति से दूर कर सकता है।

अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में सामान्य किस्म के सामानों का इस्तेमाल किया गया है ताकि आम आदमी के लिए साफ पानी उपलब्ध कराने का काम बहुत अधिक पेचिदा भी नहीं हो। परीक्षण में पाया गया है कि यह छिद्रदार पदार्थ अपने अंदर से पानी को गुजारते वक्त अन्य प्रदूषणों के साथ साथ पानी में नजर नहीं आने वाले माइक्रो प्लास्टिक को भी रोक लेता है।

दक्षिण कोरिया के डीजीआईएसटी के ऊर्जा एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफसर पार्क ची यंग की टीम ने इसे विकसित किया है। इस शोध के बारे में अब अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध की तकनीकी जानकारी सार्वजनिक कर दी गयी है। इस विधि की अच्छी बात यह है कि इसमें पानी साफ होने की गति भी बहुत तेज होती है।

इसके अलावा शोध दल का यह भी दावा है कि यह खर्च के लिहाज से भी काफी किफायती है और इसे तैयार करने में वैसे कच्चे माल का उपयोग किया गया है, जो सस्ते हैं। इसके बाद सौर ऊर्जा आधारित तकनीक से इसी विधि से पानी साफ करने का काम पूरी दुनिया में बहुत कम लागत पर किया जा सकेगा।

इससे खास तौर पर जल प्रदूषण से होने वाली मौतों को रोका जा सकेगा। दरअसल शोध दल का ध्यान इस तरफ गया था कि पूरी दुनिया में औद्योगिक विकास की होड़ में ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानो का कचड़ा बाहर निकलकर पानी को सबसे अधिक प्रदूषित कर रहा है। कई स्थानों पर इन औद्योगिक कचड़ों की वजह से पानी जहरीला भी हो जाता है।