Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ambikapur Firing Case: अंबिकापुर गोलीकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संदिग्ध ठिकानों पर दी दबिश; आर... Raipur Crime: ऑनलाइन लोन के नाम पर लाखों की ठगी, रायपुर पुलिस ने 10वीं पास शातिर ठग को किया गिरफ्तार Janjgir-Champa News: जांजगीर-चांपा में तीन ट्रेलरों की भीषण भिड़ंत, टक्कर के बाद लगी आग; एक ड्राइवर ... Dhamtari News: धमतरी के स्टेशनपारा में घर में लगी भीषण आग, गरीब मजदूर का परिवार हुआ बेघर; मेयर ने बं... Amit Shah in Raipur: रायपुर में अमित शाह की नक्सलवाद पर हाईलेवल मीटिंग, 31 मार्च की डेडलाइन से पहले ... UGC NET Result: रामानुजगंज की हिमांशी गुप्ता ने रचा इतिहास, UGC NET परीक्षा में हासिल किए 97 प्रतिशत... Balodabazar News: जंगलों को आग से बचाने की बड़ी पहल, बलौदाबाजार वनमण्डल में फायर सेफ्टी कार्यशाला; ज... Durg News: दुर्ग में सहेली ने ही दिया धोखा, घर से पार किए लाखों के जेवर; पुलिस ने आरोपी महिला को किय... MP News: राजगढ़ में ₹5 करोड़ का ड्रग्स बनाने वाला केमिकल जब्त, राजस्थान बॉर्डर पर पुलिस की बड़ी कार्... Gwalior Trade Fair 2026: ग्वालियर मेले में रिकॉर्ड तोड़ कारोबार, 45 दिनों में ₹2392 करोड़ की बिक्री;...

ईरान से यमन भेजे जा रहे हथियार जब्त किये गये

दुबईः अमेरिकी नौसेना ने एक जहाज से भेजे जा रहे हथियारों की बड़ी खेप को जब्त किया है। अमेरिकी नौसेना ने गल्फ ऑफ ओमान में इस पानी के जहाज को रोका और उससे 21 सौ एके 47 जैसे अत्याधुनिक हथियार जब्त किये हैं।

कहा गया है कि यह सारा हथियार ईरान ने यमन में हाउती विद्रोहियों के लिए भेजा था। अरब  क्षेत्र में यह हथियारों की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है। पिछले शुक्रवार को यूएसएश चिनूक नामक गश्ती जहाज ने एक सामान्य किस्म की नौका को जाते देखा लेकिन उसकी गतिविधियां संदिग्ध थी।

इसी वजह से समुद्र में ही इस जहाज को रोककर उसकी तलाशी ली गयी। तलाशी में उसके अंदर यह सारे हथियार पाय गये जो हरे रंग की तिरपाल में ढंके हुए थे ताकि ऊपर से भी हथियारों पर किसी की नजर ना पड़े। हथियारों को जब्त करने के बाद उन्हें अमेरिकी नौसेना के जहाज यूएसएस सुलिवांस पर ले जाया गया है।

दरअसल पानी का यह जहाज उस समुद्री रास्ते पर आगे बढ़ रहा था, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर अवैध समुद्री परिवहन के लिए ही किया जाता है। जहाज पर मौजूद यमन के नाविकों को भी पकड़ा गया है। अब पकड़े गये इन लोगों को उनके देश भेजा जाएगा।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने यमन में जारी युद्ध के बीच हथियारों की आपूर्ति पर रोक लगा रखी है। वर्ष 2014 में लगायी गयी इस रोक के बाद भी वहां गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसमें यमन की सेना को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है जबकि हाऊती विद्रोहियों की मदद ईरान कर रहा है।

हाऊती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी साना पर भी कब्जा कर लिया था। जिस कारण वहां की मान्यताप्राप्त सरकार को हटना पड़ा था। उसके बाद ही सऊदी अरब ने इस लड़ाई में दखल दिया और तब से जारी युद्ध की वजह से यह देश की भूखमरी की कगार पर पहुंच चुका है। इस लड़ाई की वजह से वहां से करीब डेढ़ लाख लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा है जबकि साढ़े चौदह हजार लोग यहां अब तक मारे जा चुके हैं।