Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
UCC पर सुप्रीम कोर्ट का 'सुप्रीम' फैसला! केंद्र को बड़ी टिप्पणी—"अब समय आ गया है, देश में लागू हो सम... Priyanka Gandhi in Lok Sabha: राहुल गांधी के बचाव में उतरीं प्रियंका गांधी, बोलीं- 'निडर' हैं मेरे भ... Lok Sabha News: स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, गौरव गोगोई ने नरवणे की किताब से सरकार को घेरा; सद... नैनीताल पर 'जल प्रलय' का खतरा! चूहों के बाद अब मछलियां भी काट रही हैं नैनी झील की जड़ें; माल रोड धंस... Rahul Gandhi in Sonipat: सोनीपत के मदीना गांव पहुंचे राहुल गांधी, किसान संजय की बेटी को दिया आशीर्वा... Katni Road Accident: कटनी में बड़ा सड़क हादसा, कार-बाइक की टक्कर में 4 की मौत और 5 घायल; अस्पताल में... UP में रजिस्ट्री का खेल खत्म! अब बिना 'खतौनी' में नाम के नहीं बेच पाएंगे जमीन; योगी सरकार का भू-माफि... भागलपुर में भी बनेगा 'मरीन ड्राइव'! पटना की तरह गंगा किनारे चमकेगी सिल्क सिटी; बिना घर तोड़े तैयार ह... Mamata Banerjee vs ECI: ममता बनर्जी ने ड्राइंग के जरिए जताया 'SIR' का विरोध, चुनाव आयोग पर लगाया वोट... अतुल निहाले की फांसी पर लगी रोक! 5 साल की मासूम से दरिंदगी और हत्या का है मामला; 3 धाराओं में मिली थ...

भारतीय महिला सैनिकों का जत्था शांति सैनिक के तौर पर

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः शांति सैनिक के तौर पर सबसे बड़ा दल भारतीय महिला सैनिकों का लाईबेरियाजा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों के तौर पर यह सबसे बड़ा भारतीय सैन्य दल है, जिसमें सिर्फ महिलाएं हैं। लाईबेरिया में वर्ष 2007 से ही संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना तैनात है। इसमें पहली बार भारतीय सेना की महिला टुकड़ी को भेजा जा रहा है।

इसके पहले वहां कभी महिला सैनिकों को तैनात नहीं किया गया था। सूडान के अबेयेई इलाके में इन प्रशिक्षित महिला सैनिकों को तैनात किया जाएगा। लाईबेरिया के इलाके को लगातार संयुक्त राष्ट्र का यह सैनिक समर्थन प्राप्त है। इस बार वहां तैनात होने वाले शांति सैनिक दूसरे किस्म की भूमिका निभायेंगे।

यह दल वहां चौबीस घंटे की गार्ड की जिम्मेदारी निभाने के साथ साथ राजधानी मोनरोविया में गश्त भी लगायेगा। इसके अलावा दल पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी वहां की पुलिस को प्रशिक्षण देने की होगी।

भारतीय सेना की इस टुकड़ी में दो अफसर और 25 जूनियर अफसर होंगे। माना जा रहा है कि हिंसा प्रभावित इस इलाके में महिलाओं को बच्चों को राहत पहुंचाने के लिए इसकी बड़ी भूमिका होगी। वहां का माहौल लगातार हिंसक ही रहा है। इसी वजह से अब इलाके में रहने वालों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र को अलग तरीके से कोशिश करनी पड़ रही है।

हिंसा की वजह से वहां से हजारों लोगों का पलायन भी हो चुका है। इस बार उत्तर और दक्षिण के बीच टकराव के इल इलाके में मानवीय सहायता पहुंचाने की जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र के शांति सेना की है। इसलिए भारतीय महिला सैनिकों का यह जत्था उसमें ज्यादा कारगर साबित होगा, ऐसा माना जा रहा है क्योंकि वहां की महिलाओँ से वे सीधे संपर्क और बात चीत कर सकेंगी।

हाल के दिनों में आपस में टकराव करने वाले हथियारबंद समूह सूडान पीपल्स लिबरेशन मुवमेंट और वहां की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की पहल पर एक समझौता किया है। इसमें कई इलाकों को सैन्य उपस्थिति से मुक्त करने पर सहमति बनी है। इसके लिए इथोपिया की सेना वहां की स्थिति की निगरानी करेगी।

शेष जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिक निभायेंगे। बता दें कि भारतीय सेना के दो लाख से अधिक सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र के 49 ऐसे अभियानों में अपनी जिम्मेदारी निभायी है। भारतीय सेना के अनुशासन और आचरण की इस वजह से पूरी दुनिया में तारीफ भी हुई है।