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यूक्रेन को मित्र देशों से फिर टैंक और अन्य हथियार मिलेंगे

कियेबः यूक्रेन को उनके मित्र देश फिर से हथियारों की नई खेप उपलब्ध कराने वाले हैं। अमेरिका ने पहले ही इस किस्म की सैन्य सहायता के अगली खेप का एलान कर दिया है। अब रूसी की तरफ से बढ़ते टैंकों की वजह से उसे इस चुनौती का मुकाबला करने के लायक बनाया जा रहा है।

बता दें कि अमेरिका के हिमार्स लॉंचर की मदद से ही यूक्रेन ने एक रूसी शिविर पर हमला किया था, जिसमें रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 89 सैनिक मारे गये हैं। अब अमेरिका के अलावा फ्रांस ने उसे खास किस्म का बख्तरबंद वाहन देने का फैसला किया है।

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस बख्तरबंद वाहन को टैंक भी माना जा सकता है, जिसमें चेन के बदले छह पहिये लगे हैं। फ्रांस के इस वाहन में शक्तिशाली 105 मिलिमीटर की तोप लगी हुई है। एएमएक्स 10आर सी नामक इस वाहन की गोले दागने की क्षमता जबर्दस्त है।

फ्रांस और यूक्रेन के राष्ट्रपति की आपसी बातचीत के बाद यह हथियार देने पर सहमति बनी है। फ्रांस ने स्वदेशी तकनीक पर इसका विकास किया है और कई मित्र देशों को यह वाहन पहले भी उपलब्ध कराये हैं। अग्रिम पंक्ति पर तैनात होने वाले ये वाहन किसी भी शत्रु मोर्चाबंदी की कमजोर कड़ी को पूरी तरह ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं।

हथियारों की इन तैयारियों के बीच ही रूसी राष्ट्रपति ने कहा है कि जब तक चार प्रांतों पर से यूक्रेन अपना दावा नहीं छोड़ता, शांति वार्ता नहीं हो सकती। तुर्किश राष्ट्रपति एर्देगॉन के प्रयासों में पुतिन ने अपनी यह बात दोहरायी है। उन्होंने कहा है कि जिन चार इलाकों को रूस ने अपना इलाका घोषित कर दिया है, उनसे यूक्रेन को पीछे हटना होगा क्योंकि वहां का जनमत संग्रह भी रूस के पक्ष में रहा है।

पुतिन ने फिर से इस बात को दोहराया है कि रूस हमेशा से ही शांति के पक्ष में रहा है। लेकिन सीमा पर किसी किस्म की चुनौती को भी वह हल्के में नहीं लेता है। वह देश की सुरक्षा को किसी कीमत पर खतरे में नहीं डाल सकता। इस बीच पुतिन की तरफ से 36 घंटे के युद्धविराम की घोषणा भी की गयी है। ऑर्थोडॉक्स चर्च के क्रिसमस समारोह का उल्लेख करते हुए इस युद्धविराम का एलान किया गया है। दूसरी तरफ यूक्रेन ने इस किस्म के एलान को सिर्फ प्रचार बताया है।