Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संसद के मानसून सत्र का आधा सफर पूरा, आखिरी 9 दिनों में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें पीएम मोदी ने मैसूर में किया 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन: बोले- "भारतीय युवाओं के सामर्थ्य से तेजी से ब... तमिलनाडु पहुंचे राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले— "परिसीमन से तमिल जनता की राजनीतिक ताकत छीन... वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने क... NSA अजीत डोभाल 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से सम्मानित, अमित शाह बोले- "सुरक्षा इतिहास म... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT का कड़ा एक्शन, 200 से अधिक लोगों को पुलिस का नोटिस जारी पटियाला में राजा वड़िंग के कार्यक्रम में भारी हंगामा, चन्नी समर्थकों ने लगाए 'चन्नी जिंदाबाद' के नार... उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर दुष्कर्म की FIR: शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म का आरोप, B... उत्तराखंड में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, मसूरी के लक्ष्मणपुरी में कथित अवैध नमाज स्थल पर चला बुलडोजर 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E-20' में गरजे अरविंद केजरीवाल, केंद्र सरकार के सामने रखीं 3 प्रमुख मांगें

भारत जोड़ो यात्रा का असर कश्मीर तक जा पहुंचा

  • गुलाम नबी आजाद के साथ पार्टी छोड़ी थी

  • वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने किया स्वागत

  • तीस जनवरी को लाल चौक पहुंचेगी राहुल की यात्रा

नई दिल्ली : कांग्रेस ने कहा है कि भारत जोड़ो यात्रा ने देश में बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है और अब यात्रा के जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने से पहले कांग्रेस छोड़कर गए 17 प्रमुख नेता आज फिर पार्टी में शामिल हुए है।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, जम्मू कश्मीर कांग्रेस की प्रभारी रजनी पटेल तथा संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में इन नेताओं की घर वापसी के मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस में लौट रहे ये सभी नेता जम्मू कश्मीर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं लेकिन गलतफहमी के कारण कुछ समय पहले पार्टी छोड़कर चले गए थे।

उन्होंने कहा कि यह सभी नेता समझ गए हैं कि कांग्रेस ही जम्मू कश्मीर के लोगों की सच्ची हितैषी है और कांग्रेसी वहां धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देकर आतंकवाद को समाप्त कर सकती है इसलिए यह सभी नेता फिर पार्टी में लौटे है। उनका कहना था कि दो और नेता पार्टी में लौट रहे थे लेकिन किन्हीं कारणों से वे यहां नहीं आ सके।

इस तरह से कुल 19 कांग्रेस नेताओं ने आज पार्टी में वापसी की है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्लाह, उमर अब्दुल्ला तथा पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सहित कई प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर में यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह है और जब 30 जनवरी को लाल चौक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी कन्याकुमारी से लेकर चल रहे तिरंगे को फहराएंगे तो वह एक ऐतिहासिक अवसर होगा।

पार्टी में लौटे कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ने को अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल बताया और कहा कि उन्होंने यह कदम मित्रतावस और जज्बात में उठाया था लेकिन अब वे समझ गए हैं कि यह उनकी भूल थी। उन्होंने जिस कांग्रेस के साथ जीवन बिताया है वही पार्टी सच में जम्मू कश्मीर के लोगों की हितैषी है।

जम्मू कश्मीर कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे ताराचंद ने इस मौके पर कहा कि पार्टी छोड़कर जाना उनका गलत निर्णय था। कांग्रेस के कारण ही वह विधायक दल के नेता रहे, 6 साल विधानसभा के अध्यक्ष और 6 साल मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने को जज्बात में उठाया गया कदम और जीवन का सबसे गलत कदम बताया।

जम्मू कश्मीर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पीरजादा मोहम्मद सईद ने कहा कि उनकी स्थिति सुबह के भूले शाम को घर लौटने वाली जैसी है। जज्बात में आकर गलती कर उन्होंने कांग्रेस छोड़ी और जब गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने पार्टी में लौटाने का फैसला लिया है, इसलिए वह खुद को सुबह का भूला शाम को लौटा बता रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वह पांच दशक से कांग्रेसी हैं। उन्होंने 50 साल से ज्यादा समय तक कांग्रेस में रहकर काम किया है इसलिए उनका नजरिया उनके जेहन में है इसलिए वह अब उसमें रह करके काम करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा अब बड़ा आंदोलन बन चुका है और और इस यात्रा में विभिन्न पेशों से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ ही समान विचारधारा के राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ ही अन्य सभी लोग इस यात्रा से जुड़ रहे हैं।

जम्मू कश्मीर कांग्रेस के जिन 17 नेताओं ने आज घर वापसी की उनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीरजादा मोहम्मद सईद, पूर्व विधायक ठाकुर बलवान सिंह, पूर्व एमएलसी मोहम्मद मुजफ्फर परे, मोहिंदर भारद्वाज, भूषण डोगरा, विनोद शर्मा, नरेंद्र शर्मा, नरेश शर्मा, अंबरीश मंगोत्रा, सुभाष भगत, श्रीमती संतोष मनहास, बद्रीनाथ शर्मा, वरुण मंगोत्रा, श्रीमती अनुराधा शर्मा, विजय तारगोत्रा तथा श्रीमती चंद्रप्रभा शर्मा शामिल है।